सिद्धार्थ नगर

सिद्धार्थनगर: ऑल टीचर इंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने भरी हुंकार

कृपा शंकर भट्ट
सिद्धार्थनगर: पेंशन हमारा हक है। इसे लेकर रहेंगे। चाहे इसके लिए एक नहीं सैकड़ों शिक्षको व कर्मचारियो को शहीद होना पड़े। उक्त बातें ऑल टीचर इंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने आज कही।

जनपद के रानी लक्ष्मी विवाह वाटिका में “अटेवा सिद्धार्थ नगर” द्वारा आयोजित मंडलीय सम्मेलन एवं चिंतन शिविर में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए उन्होंने कहा कि पेंशन एक पूर्व निर्धारित राशि है जो कोई नियोक्ता अपने कर्मचारी को उसके सेवाकाल की समाप्ति के बाद भी देने के लिए बाध्य है। पेंशन देने की व्यवस्था बहुत ही प्राचीन है।

उनका कहना था कि भारत में राजाओं के शासनकाल में भी या व्यवस्था लागू थी राजा अपने कर्मचारियों को 40 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर जीवन यापन के लिए वेतन की आधी धनराशि के बराबर पेंशन देता था। जिसे सरकार ने समाप्त कर दिया है और हम लोगों के बुढ़ापे की लाठी छीन लिया जो कि निश्चित रूप से हम लोगों के साथ अन्याय है। श्री बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए यदि हम लोग इसी तरह एकजुट एवं संगठित रहें तो चाहे जो भी सरकार रहेगी उसे पुरानी पेंशन व्यवस्था पुन: लागू करने के लिए विवश होना पड़ेगा।

अटेवा के प्रदेश महामंत्री नीरज पति त्रिपाठी ने कहा कि पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू है तो अन्य राज्यों में क्यों नहीं है। सरकार शिक्षकों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एक साजिश कर रही है परंतु वह अपने मकसद में कभी कामयाब नहीं होंगे और बहुत जल्द ही हम सभी लोग पुनः पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित होंगे।

मंडल पर्यवेक्षक संजय उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 से शिक्षकों कर्मचारियों के लिए पेंशन नियमावली 1961 व GPS नियमावली 1985 शून्य घोषित कर दी गई अर्थात 1 अप्रैल 2005 से भर्ती कर्मचारियों पर एनपीएस लागू हो गया जो कि सरकारी कर्मचारियों के लिए सिवाय धोखा के अलावा और कुछ नहीं है।

मंडलीय पर्यवेक्षक फैजाबाद राकेश रमन ने कहा कि युवा शिक्षकों कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा पुरानी पेंशन है बड़े-बड़े शिक्षक कर्मचारी संगठनों एवं नेताओं के रहते हुए भी विगत 12 वर्षों से पेंशन बहाली की बात मृतप्राय हो गया था परंतु अटेवा ने बिना किसी अन्य उद्देश्य को नजरअंदाज करते हुए मात्र पुरानी पेंशन बहाली को ही मुख्य मुद्दा बनाया है।

प्रदेश संगठन मंत्री राजीव यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कार्मिकों द्वारा की गई सेवाओं के फलस्वरुप बिना किसी अंशदान के सरकार द्वारा प्रदान की जाती है पुरानी पेंशन योजना की कोई धनराशि बाजार के शेयर मार्केट के अधीन नहीं है पुरानी पेंशन योजना पर सरकार पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती है इसलिए हम इसे अवश्य ले कर के रहेंगे।

भीषण बरसात के बावजूद भी सैकड़ों शिक्षक कर्मचारी उक्त कार्यक्रम में डटे रहे। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के बाद हुआ। अटेवा के जिलाअध्यक्ष जनार्दन शुक्ला, महामंत्री दिनेश सिंह, संरक्षक दिनेश दूबे, बलवंत चौधरी, वकील अहमद खान, जय प्रकाश गुप्ता, गिरीश चंद्र, बृजेश द्विवेदी आदि ने अतिथियों को बैज लगा कर एवं माल्यार्पण करके स्वागत एवं अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में बस्ती के जिलाअध्यक्ष तौवाब अली की रचनाओं को सुनकर उपस्थित श्रोता गण मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र शर्मा ने किया।

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