बेटा ही निकला मां का हत्यारा; कुल्हाड़ी से गला काटा, फिर आँखे तक निकाल ली

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गोरखपुर: कहते हैं पूत कपूत भले हो जाए, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती। एक बेटे ने इस कहावत को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। उसने अपने मां की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या ही नहीं की, बल्कि उसकी आंखें तक निकाल दी। उसके बाद उसने पुलिस को अपनी मां की हत्या हो जाने की सूचना दी। इतना ही नहीं पुलिस के आने के बाद वह घड़ियाली आंसू भी बहाता रहा। लेकिन, पुलिस ने इस दरिंदे की चाल को नाकाम कर घटना का खुलासा कर दियां।

शाहपुर थाना क्षेत्र के जंगल तुलसीराम के मकान नंबर 258 सी में एक वृद्धा की हत्या की सूचना 23 अगस्त की दोपहर में पुलिस को मिली। यह सूचना वृद्धा के बड़े बेटे रंजीत ने दी थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो मकान के अंदर 70 वर्षीय वृद्धा भोली देवी की खून से लतपथ लाश पड़ी हुई थी। वृद्धा के गले पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने उसकी आंख भी धारदार हथियार से बाहर निकाल दी थी।

एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने पुलिस लाइन्स सभागार में इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वृद्धा भोली देवी की हत्या की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी खून से सनी लाश पड़ी हुई थी। घटना की सूचना मृतका के बड़े बेटे रंजीत ने दी थी और वह खुद ही इस घटना में वादी भी था। उसने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के रहने वाले तीन लड़कों से विवाद हुआ था। जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन, यह साफ हो गया कि उन युवकों ने वृद्धा की हत्या नहीं की है।

एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को रंजीत पर ही हत्या का शक हुआ और उससे कड़ाई के साथ पूछताछ की गई। पूछताछ में वह टूट गया और प्रापर्टी के विवाद में मां की हत्या का गुनाह कुबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि यह काफी जघन्य हत्याकांड है। एक बेटे द्वारा मां की हत्या की घटना को कारित करना हैरान कर देने वाला है। उन्होंने बताया कि हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, चाकू सहित अन्य हथियार पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बरामद कर लिया है। इसके साथ ही आरोपी का खून से सना शर्ट भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

वृद्धा भोली देवी के पति रेलवे में कार्यरत रहे हैं। वह अपने बड़े बेटे रंजीत के साथ रहती रही हैं। उनका गुजारा पेंशन पर चलता रहा है। इस घटना के बाद जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो उनका बड़ा बेटा रंजीत घर की चैखट पर बैठकर रो रहा था। उसने पुलिस को बताया कि 23 अगस्त को सुबह वह काम पर गया था। उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। जब दोपहर में वह घर पर आया तो उसका प्रापर्टी को लेकर मां भोली देवी से विवाद हो गया। भोली देवी ने उसे तीन-चार थप्पड़ जड़ दिए।

यह बात रंजीत को नागवार गुजरी। उसने शराब के नशे में अपनी मां की गले पर वार कर हत्या कर दी।इसके बाद उसने मां की लाश से चाकू से आंखे बाहर निकालकर लूट के कारण हत्या की घटना को अंजाम देने का नाटक रचा। लेकिन, पुलिस की पूछताछ में उसका गुनाह सामने आ गया। पुलिस हिरासत में रंजीत ने अपना गुनाह कुबूल करते हुए बताया कि शराब के नशे में उसने अपनी मां की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद उसने खुद पुलिस को 100 नंबर पर काॅल कर हत्या की जानकारी दी। रंजीत ने बताया कि नशा टूटने के बाद उसे मां की हत्या करने का उसे बहुत दुःख हुआ। उसने कहा कि उसने ऐसा गुनाह किया है, जिसे कभी भी माफ नहीं किया जा सकता है।

जिस मां ने उसे नौ माह अपनी कोख में पाला। जिस मां ने उसे पाल-पोसकर बड़ा किया। उसी मां के दूध का कर्ज उतारने की बजाय उसकी हत्या का गुनाह ताउम्र उस अभागे बेटे को जेल में सालता रहेगा। ये उसका ऐसा गुनाह जेल की चाहरदीवारी में उसे हर रात जागने के लिए मजबूर कर देगा। ​