डीडीयु छात्र संघ: बनी हुई है ऊहापोह की स्थिति, 20 से 22 सितम्बर के बीच हो सकते हैं चुनाव

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गोरखपुर(आयुष दुबे): दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी गोरखपुर में में छात्रसंघ चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। इसी माह नवरात्र और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि प्रशासन के लिए जल्द चुनाव कराना एक टेढ़ी खीर ही होगा।

गौरतलब है कि बीते 8 सितम्बर को यह उम्मीद जताई जा रही थी कि गोरखपुर के दौरे पर आये उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित करेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उलटे दिनेश शर्मा कुलपति को ठीक से काम करने के सीख ही दे कर चले गए। चुनाव तिथि की घोषणा ना होने से आंदोलित छात्र नेताओं को पुलिस ने डंडे के जोर से चुप कराया। पुलिस ने बाद में 27 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी लिखवाया।

27 नामजद लोगों में से कई छात्र नेता ऐसे हैं जो चुनाव लड़ने की पुरजोर तयारी कर रहे थे। ऐसे में लिंगदोह समिति के निर्देश के हिसाब से इन नेताओं के लिए चुनाव लड़ना कठिन हो जायेगा।

ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए लिंगदोह समिति के सिफारिशों के आधार पर चुनाव कराना काफी मुश्किल हो गया है। क्योंकि ज्यादतर छात्र नेताओं के ऊपर जो मुकदमा दर्ज हुआ है अगर वह वापस नहीं होते तो उनका चुनाव लड़ना मुश्किल हो जायेगा।

सूत्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी प्रशासन बीते दिनों अपनी फजीहत के बाद चुनाव को लेकर काफी गंभीर हो गया है। जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लाठीचार्ज की घटना के एक दिन बाद ही सरकार को चुनाव तिथियां भेज दी थी। भरी सभा में दिनेश शर्मा के हाथों विश्वविद्यालय प्रशासन खास कर कुलपति की लानत मलानत यूनिवर्सिटी हर कदम फूंक-फूंक कर रखना छह रही है।

सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 सितम्बर से 22 सितम्बर तक छात्र संघ चुनाव कराने का निर्णय लिया है। क्योंकि उसके बाद आने वाले त्योहारों और उसके मदेनजर तैयारियों को देखते हुए चुनाव कराना शहर प्रशासन के लिए सभव नहीं होगा। दूसरी तरफ जिन छात्रों के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया है उनके चुनाव ना लड़ पाने से विश्वविद्लाय में एक बार लॉ एंड ऑर्डर की समस्या बन सकती है।

कुल मिला कर गेंद अब सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के पाले में है और शायद अगले एक दो दिनों में तश्वीर पूरी तरह से साफ़ हो जाये।