22 छात्रों के प्रवेश निरस्त होने पर विश्वविद्यालय गेट पर छात्रो ने भिक्षाटन कर विरोध जताया

गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एमए प्रथम वर्ष में समयांतराल के चलते 22 छात्रों के प्रवेश निरस्त किये जाने का विरोध आज छात्रों ने विश्वविद्यालय द्वार पर भिक्षाटन कर विरोध जताया। छात्रों का कहना था कि क्या एक सेमेस्टर की परीक्षा उर्तीण करने के बाद व अंकपत्र मिल जाने के बाद किसी छात्र का प्रवेश निरस्त किया जा सकता है ?

ज्ञातव्य हो कि दी.द.उ. गोरखपुर विश्व विद्यालय प्रशासन की लापरवाही से ऐसा प्रकरण सामने आया है ।दीनदयाल उपाध्याय विश्व विद्यालय प्रशासन ने 2016-17 एम.ए. प्रथम वर्ष के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा पास कर लेने और उसका अंक पत्र मिल जाने के बाद 22 छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रवेश लेने के समय, बीए से एमए के बीच 3 वर्ष से ज्यादा समय का गैप होने का कारण बताकर उनका एम ए में प्रवेश ही अवैध घोषित कर दिया और अगले सेमेस्टर में प्रवेश लेने से मना कर दिया।

अब सवाल ये उठता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन 22 छात्रों का प्रवेश लेते समय इस गैप को क्यो नही देख पाया ? छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन है ?

आज इसी प्रकरण के सम्बंध में पीड़ित छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर धरना देकर अपने प्रवेश में विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए अपने साथ न्याय करने की मांग की । इसी दौरान धरना स्थल पर पहुँचे छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव और उपाध्यक्ष अखिलदेव त्रिपाठी ने छात्रो का समर्थन किया और छात्रसंघ की तरफ से मामले को लेकर कुलपति से वार्ता किया। परंतु कोई समाधान नही निकला, कुलपति ने प्रवेश समिति के निर्णय पर कोई बदलाव करने में असमर्थता जताई और कोर्ट जाने को कहा ।

इस सम्पूर्ण बातचीत में छात्र नेताओं के मुताबिक कुलपति का रवैया नकारात्मक रहा । इस मामले को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारियों से वार्ता विफल होने और कुलपति द्वारा संवेदनहीनता दिखाते हुए कोर्ट जाने की बात कहने से छात्र आक्रोशित हो गए और कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के विरूध्द जबरदस्त नारेबाजी की ।कोर्ट जाने की बात के विरोध में कोर्ट और वकील की फीस के लिए विश्विद्यालय में घूम-घूम कर प्रतीकात्मक भिक्षाटन किया।

इन सबके बाद छात्रो ने छात्रसंघ भवन में बैठक कर न्याय दिलाने हेतु आंदोलन करने का निर्णय लिया । इस सम्पूर्ण मामले का नेतृत्व कर रहे अम्बेडकरवादी छात्रसभा के अध्यक्ष अमर सिंह पासवान ने कहा कि छात्रो के साथ अन्याय नही होने दिया जाएगा, और इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी मोर्चा खोल जाएगा । ताकि भविष्य में छात्रो के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो पाए।

पिछले चुनाव में छात्रसंघ महामंत्री पद प्रत्याशी रहे पीड़ित छात्र पवन कुमार ने कहा कि ये सरासर अन्याय हैं और इस अन्याय पर कुलपति का रवैया निंदनीय है , अब आंदोलन से इन्हें छात्रो की ताकत का एहसास कराया जाएगा।

इस मौके पर डॉ हितेश सिंह , कुमारी आकांशा, शिवशंकर गौंड़, कुलदीप यादव, कमलेश यादव, भास्कर चौधरी, सत्येंद्र भारती, शैलेश कुमार ,सुरेंद्र वाल्मीकि, शिवम निषाद, सोनू सिद्धार्थ, विवेक चौधरी, राहुल चंद्रावत, संतोष कुमार, संतोष यादव समेत भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।