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इस्लाम सलामती का मजहब: मुफ्ती शम्सुद्दीन

Gorakhpur-masjidगोरखपुर: मुगल काल की जामा मस्जिद उर्दू बाजार पूरब फाटक पर चिश्तिया कमेटी की जानिब से 19 वां अजीमुश्शान जश्न-ए-ईदमिलादुन्नबी का आयोजन सोमवार को बाद नमाज ऐशा किया गया।
मुख्य अतिथि मकराना राजस्थान के मुफ्ती शम्सुद्दीन ने कहा रसूल सल्लल्लाहौ अलैही वसल्लम हमारे आइडियल है। आप अमनो शांति के पैकर थे। आपने मजलूमो को उनका हक दिलाया।
उन्होंने कहा कि दहशतगर्दी के नाम पर इस्लाम को बदनाम करने की साजिश चल रही है। इस्लाम में दहशतगर्दी जायज नहीं। इस्लाम तो सलामती का मजहब है। अल्लाह व रसूल का यह फरमान हर दौर के लिये है।
उन्होंने ने नौजवानों से आहृवान किया कि वह मस्जिदों को अपने सज्दों से आबाद करें। बुराई, नशा, फिजूल बातों से दूरी अख्तियार करें। रसूल की तालीमात पर अमल कर दुनिया वालों के लिए बेहतरीन नमूना बनें। इससे रसूल खुश होंगे।
विशिष्ट अतिथि सिद्धार्थनगर मौलाना शब्बीर अहमद कादरी ने कहा कि सारी दुनिया रसूल के तुफैल बनायी गयी। आप सारी दुनिया के लिए रहमत है। लोगों को भलाई का पैगाम देने वाले है। रसूल ने ईसाईयों, यहूदियों सहित तमाम मजहबों वालों के साथ बेहतरीन सुलूक किया। उसी का नतीजा है कि आज दुनिया में इस्लाम का बोल बाला है।
विशिष्ट अतिथि मिर्जापुर बनारस के मुफ्ती नौशाद आलम ने कहा कि हमें वह काम करना चाहिए जिससे रसूल खुश हो और हर उस काम से रूकें जिससे रसूल नाखुश हों। हमें नबी की जिदंगी से यह तालीम मिलती है कि लोगों के साथ भलाई करे। सभी एक अल्लाह के बंदे है। सभी के साथ समानता का व्यवहार करें।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत तिलावत कलाम पाक पेश किया। नात शरीफ लखनऊ के शमशाद अहमद, खलीलाबाद के दिलशाद अहमद, संतकबीरनगर के हम्जा व रईस अनवर ने प्रस्तुत किया। संचालन मौलाना मकसूद आलम ने अध्यक्षता रईसुल कादरी ने की।
इस दौरान मो. वलीउल्लाह, नेअमतुल्लाह, रफीउल्लाह, रजीउल्लाह, शहबाज, शब्बीर शाहबान, शाद बस्तवीर, फैजुल्लाह कादरी, मौलाना अजहर शम्सी, अय्यूब, नसीमुल्लाह, शराफत हुसैन, मनव्वर अहमद, मो. सैफ, आदिल अमीन, अतहर, शब्बीर, असद सहित तमाम लोग शामिल है।

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