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सिद्धार्थनगर ब्लॉक प्रमुख चुनाव: तीन विधायकों समेत आधा दर्जन दिग्ग्जों का राजनीतिक भविष्य दावं पर

Siddharthnagar-block-pramukसिद्धार्थनगर: रविवार को हो रहे ब्लाक प्रमुख चुनाव ज़िले के राजनीतिक हलके में बहुत अहम साबित होगा। आने वाला चुनाव परिणाम जिले के तीन विधायकों समेत कम से कम आधा दर्जन दिग्ग्जों का राजनीतिक भविष्य तय करेगा। इसलिए इनके क्षेत्रों में सियासी तापमान चरम पर पहुंचा हुआ है।
जिले में हालांकि 14 ब्लाकों के लिए प्रमुख का चुनाव होना था। मगर नौ सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्रतिद्धंदी ही नहीं उतरा। इस तरह रविवार को केवल पांच ब्लाकों में ही वोटिंग हो रही है। जिस पर कम से कम आधा दर्जन सियासी दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, इनमें तीन विधायक भी शामिल हैं।
सबसे प्रमुख लड़ाई डुमरियागंज ब्लाक में है। यहां समाजवादी राजनीति के नए शाइनिंग स्टार राम कुमार उर्फ चिनकू यादव के पिता मिटृठू यादव और डुमरियागंज की सियासत के दिग्गज कमाल यूसुफ मलिक के सुपुत्र सलमान मलिक के बीच तलवारें खिंची हैं।
दोनों के अपनी-अपनी जीत के दावे हैं। चिनकू यादव के पास जहां साहस के अलावा सत्ता की ताकत है, वहीं कमाल यूसुफ के पास राजनितिक अनुभव और सत्ताधारी दल में बैठे उनके कई पुराने शुभचिंतक भी हैं। ऐसे में मिठठू यादव की हार चिनकू यादव की शाइनिंग स्टार की छवि पर बट्टा लगायेगी।
दूसरी तरफ सलमान की हार उनके पिता की राजनीतिक करिश्मे की छवि को खंडित करेगी। आज का दिन दोनों के लिए अहम् हैं । कल का सूरज किसके लिए ख़ुशी और गम वाला साबित होगा, ये तो परिणाम ही तय करेगा।
नौगढ़ ब्लाक में भी हालात रोमांचकारी हैं। यहां दोनों उम्मीदवार शफीक अहमद और श्रीमती संजू सिंह सपा के उम्मीदवार हैं। सपा ने दोनों को जोर आजमाइश की इज़ाज़त दी है। संजू सिंह के नाम को आगे बढ़ाने वाले क्षेत्रीय विधायक विजय पासवान हैं तो शफीक अहमद के सरपरस्त उनके छोटे भाई जमील सिददीकी हैं, जो सपा के बडे नेता और नगरपालिका चेयरमैन भी हैं।
इस सीट का नतीजा तय करेगा कि सदर क्षेत्र का नेता कौन होगा। जिसका समर्थक उम्मीदवार हारा, उसके हाथ से सदर क्षेत्र की सियासत फिसलने का खतरा रहेगा। जाहिर है कि लड़ाई संजू सिंह व शफीक अहमद की ही नहीं, जमील सिद्दीकी बनाम विधायक पासवान की भी है।
इसी तरह शोहरतढ़ ब्लाक में विधायक लालमुन्नी सिंह की बहू नीलिमा सिंह को उसी इलाके के एक आम आदमी सुरेन्द्र विश्कर्मा ने टक्कर देने की हुंकार भरी है। अगर रिजल्ट नीलिमा सिंह के खिलाफ गया तो भविष्य की राजनीति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसी तरह बढ़नी ब्लाक में चार बार के विधायक रहे कांगेस नेता पप्पू चौधरी की प्रत्याशी शांति पासवान और मौजूदा विधायक लालमुन्नी सिंह की उम्मीदवार विफई देवी का चुनाव परिणाम का असर भी दोनों नेताओं पर पड़ेगा।

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