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पिपराइच में गन्ना शोध संस्थान निर्माण को 327 किसानों ने दी जमीन देने की सहमति

पिपराइच में गन्ना शोध संस्थान के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

गोरखपुर: कूड़ाघाट से स्थानांतरित होकर पिपराइच में बन रहे नए गन्ना शोध संस्थान के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संस्थान के लिए शासन ने लगभग 50 एकड़ जमीन की अधिग्रहण करने का आदेश दिया है। जिसमें 3 गांव के 361 किसानों की जमीन पर गन्ना शोध संस्थान का निर्माण होना है। इसके तहत अब तक 300 से अधिक किसानों ने सहमति पत्र भर दिया है। वहीं कुछ किसानों का सहमति पत्र भरा जाना शेष है।

बता दें कि महानगर में कूड़ाघाट स्थित गन्ना शोध संस्थान की 112 एकड़ जमीन उत्तर प्रदेश सरकार ने एम्स के लिए दे दी है। संस्थान के अधिकारी कार्यालय भवन की तलाश कर रहे हैं। संस्थान में सदर तहसील क्षेत्र स्थित रीठीया, हरखापुर और पिपराइच गांव के किसानों की जमीन को अपने उपयोग के लिए चिन्हित किया है। इन गांवों की सीमा पर गन्ना शोध संस्थान के लिए करीब 50 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। जिस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रीठीया, हरखापुर और पिपराइच के 361 किसान इसके लिए चिन्हित किए गए हैं ।जिनकी जमीन अधिग्रहित की जानी है। गन्ना शोध संस्थान इन किसानों से पहले सहमति पत्र भरवा रहा है, ताकि बाद में किसी प्रकार की अड़चन ना आए। अब तक 327 किसानों ने सहमति पत्र भर दिया है। जबकि जिम्मेदारों का कहना है कि सभी किसानों की सहमति के बाद जमीन का मुआवजा देकर उसे अधिग्रहित कर लिया जाएगा।

बता दें कि पिपराइच की बंद पड़ी पुरानी चीनी मिल की जमीन पर अब नई चीनी मिल बन रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल का शिलान्यास कर दिया है। इसके लिए सरकार ने धन भी आवंटित भी कर दिया है।

इस संबंध में गन्ना शोध संस्थान के वैज्ञानिक मुन्ना शाही ने बताया कि 34 किसानों का सहमति पत्र भरना शेष रह गया है ।यह वह किसान है ,जिनके नाम जमीन है और वह कहीं बाहर रहते हैं ।उनके परिवार के लोगों ने जमीन के लिए सहमति दे दी है, किसानों के आते ही उनसे भी सहमति पत्र भरवाया जाएगा।

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