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बान पोखर देवी: जहाँ होती है हर मनोकामना पूरी, कभी थारुवो के राजा को बच्ची के रूप में मिली थी

गोरखपुर: विकास खंड खोराबार मुख्यालय से दो किमी दूरी पर जंगल सिकरी में स्थित आदि शक्ति माता बान पोखर देवी के दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से जाता है, माता बान पोखर देवी उनकी हर मनोकामना को पूरी करती है। नवरात्र में माता का दरबार भक्तो से भरा रहता है। दूर दराज से भक्त गण माता के दरबार में आकर शीश झुकाते है । चैत राम नवमी में माता के दरबार में भक्तों की काफी भीड़ होती है । चैत राम नवमी के आखिरी दिन विशाल मेला भी लगता है जहाँ दूर दराज से लोग मेला देखने आते है ।

एक किवदंती के अनुसार जंगल सिकरी, जंगल चवरी, जंगल बेलवार, जंगल अयोध्या प्रसाद, जंगल रमलखना, गाँव में थारू जातिया रहती थी। राप्ती नदी नरही गांव के सटे होकर गुजरती ( बहती ) थी। एक बार भयकंर बाढ़ आई । थारू राजा रानी बाढ़ के पानी से होकर कहीं जा रहे थे। बाढ़ में थारू राजा रानी को एक अबोध बच्ची मिली। राजा रानी ने बच्ची को गोद में उठाया। कुछ समय बाद बच्ची राजा के हाथ से गायब हो गयी।

थारू राजा रानी ने एक ऊँचा स्थान देखकर आदि शक्ति को स्थापित किया जो अब जंगल सिकरी गाँव के नाम से जाना जाता है। काफी वर्षो बाद वहाँ घूमते हुए बल्ली दास जी महाराज पहुचे । उन्होंने माता के जगह की साफ सफाई करके पूजा अर्चना करना शुरू किया। बल्ली दास जी महाराज कही किसी गाँव में नही जाते थे केलव माता की पूजा अर्चना में ही लगे रहते थे। जब भी कोई व्यक्ति माता के दरबार में जाता और बल्ली महाराज से कुछ खाने को माँगता तो बल्ली दास पतुकी ( मिटटी का बर्तन ) का बर्तन मागने वाले को दे देते थे और कहते थे खाइये जब लोग वर्तन में हाथ डालते थे तो माता की कृपा से बर्तन में खाने की सामग्री आ जाती थी।

शक्ति पीठ के सामने एक पोखरा भी है जहाँ आदि शक्ति माता रात्रि में नाव पे सवार होकर झूलना ( नेवारा ) खेलती थी । बल्ली दास महाराज की मृत्यु के बाद रेखा दास जी महाराज माता के भक्त बने। रेखा दास महाराज की मृत्यु के बाद हरी जी महाराज माता के पुजारी बने । कुछ वर्षों तक हरी जी महाराज माता की सेवा में लगे रहे लेकिन सांसारिक मोह माया ने उनको घेर लिया और वे शादी कर लिए ततपश्चात उन्होंने एक जमीन कारोबारी को मंदिर का ढाई एकड़ जमीन भी बेच दिया।

तत्कालीन प्रधान जयवंती देवी ने मुकदमा कर दिया और उन्होंने मुकदमे में उल्लेख किया कि मंदिर के सारे जमीन पर माता बान पोखर देवी का नाम दर्ज हो । आज वर्तमान समय में आदि शक्ति माता के स्थान पर विशाल मंदिर बना हुआ है और भक्तो का ताता हमेशा लगा रहता है।

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