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गोरखपुर उपचुनाव: शनिवार भी रहा अनुमानों के नाम, भाजपा नहीं कर पायी कोई फैसला

गोरखपुर उपचुनाव: उम्मीदवार को लेकर भाजपा नहीं कर पायी कोई फैसला

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: सदर लोक सभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को लेकर शनिवार का दिन भी अनुमान और अफवाहों का बाजार पूरी तरह गर्म रहा। शुक्रवार को रेस में पीछे हो गए क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र शुक्ला का नाम एक बार फिर आगे आ गया। वहीँ डॉ धर्मेंद्र सिंह का नाम दौड़ में पीछे चला गया। देर रात जो एक और नाम सामने आया वो था महंत पंचानन गिरी का। वरिष्ठ अधिवक्ता हरि प्रकाश मिश्र दौड़ में बने ही हुए हैं।

गौरतलब है कि श्री मिश्रा को शुक्रवार को तुरंत गोरखपुर से लखनऊ बुलाया गया। ऐसी उम्मीद की जाने लगी श्री मिश्रा ही पार्टी के उम्मीदवार होंगे। कई मीडिया संस्थानों ने तो बाकायदा यह घोषणा कर दी की श्री मिश्रा ही भाजपा के प्रत्याशी होंगे। सोशल मीडिया पर तो इन्हे प्रत्याशी बना ही दिया गया।

वहीँ शनिवार को एक नया अप्रत्याशित नाम जो सामने आया वो था महानगर के ही एक और वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक शुक्ला का। जानकारी के अनुसार अशोक शुक्ला के नाम पर सहमति बन चुकी थी लेकिन फिर देर शाम पेंच फंस गया।

भाजपा के अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक शुक्ला सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के बहुत करीबी हैं। पूर्वांचल के बड़े क्रिमिनल वकीलों में से एक श्री शुक्ला ही योगी के सभी मामले देखते हैं। पार्टी सूत्र के अनुसार श्री शुक्ला सदर लोक सभा सीट पर सारे समीकरणों में फिट बैठते हैं।

जनसंघ के समय से ही पार्टी से जुड़े श्री शुक्ला पार्टी वरिष्ठ नेता रमापति राम त्रिपाठी के भी करीबी हैं। इसके अतिरिक्त श्री शुक्ला केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के भी बहुत करीबी माने जाते हैं। जानकारी के अनुसार अशोक शुक्ला के नाम पर योगी ने भी सहमति जता दी है। गौरतलब है कि योगी इस सीट पर लगातार 1998 से लेकर 2014 तक सांसद रहे। योगी के प्रभाव वाली इस सीट पर उनकी अनदेखी करना केंद्रीय नेतृत्व के असंभव ही है।

अशोक शुक्ला चूँकि संगठन के पुराने नेता हैं इसलिए उनको जीताने के लिए पार्टी का हर कार्यकर्त्ता पूरी तरह से समर्पित भी होगा। हालांकि एक बात तो तय हैं कि अशोक शुक्ला उन नेताओं में से नहीं होंगे जिन्हे जैसे चाहे उठाया या बैठाया जा सकता है। काफी तेज तर्रार माने जाने वाले अशोक शुक्ला का अपना भी एक कद है जिसे निश्चित तौर पर वह आगे भी बरक़रार रखना चाहेंगे।

वहीँ देर रात सोशल मीडिया पर महंत पंचानन पूरी का नाम बतौर उम्मीदवार तैरने लगा। लेकिन सोशल मीडिया पर रोज नए नए नाम उठाये जा रहे हैं । संभावित दावेदारों में से अगर अचानक किसी की फोटो के साथ Facebook, WhatsApp पर संदेश पोस्ट कर दिया जा रहा है तो ऐसा होते ही उस नेता के पक्ष में टिप्पणियां बधाइयों की बहार आ जा रही है। बात करें पिछले कुछ दिनों से भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की तो जब जब किसी का शुभचिंतक उक्त प्रत्याशी की फोटो फेसबुक पर डाल दे रहे हैं, लेकिन जानने वाले लोग धड़ाधड़ उस पर कमेंट दे रहे हैं।

शनिवार की सुबह से ही ऐसे कई संदेश वायरल हुए टिप्पणियों बधाइयों का दौर देर रात तक चलता रहा। उधर पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी तक किसी भी दावेदार को हाईकमान की ओर से आश्वासन नहीं मिला है। इस सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे जुड़ाव के कारण किसी ने खुल कर अपनी दावेदारी पेश भी नहीं की है ।प्रत्याशियों के बारे में पूछे जाने पर संभावित दावेदार गोलमोल जवाब दे रहे हैं, लेकिन उनके समर्थक सोशल मीडिया पर बिना किसी संकोच के पूरे दावे के साथ पोस्ट कर रहे हैं और बधाइयों की लेनदेन के साथ अपनी खुशी का इजहार भी कर रहे हैं।

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