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राज्यसभा चुनाव: भाजपा के नौ उम्मीदवारों को मिली जीत, नहीं दे पाये बबुआ बुआ को गिफ्ट

लखनऊ: प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों के लिए जारी मतगणना के परिणाम आ गए हैं। भाजपा के आठ उम्मीदवार विजयी हो गए हैं नौवें उम्मीदवार अनिल अग्रवाल पर भी कुछ असमंजस के बाद जीत की मुहर लग गई। कुछ देर बाधित रहने के बाद शुरू हुई मतगणना में क्रास वोटिंग के चलते दो दो वोट रद कर दिए गए। इनमें एक वोट बसपा और एक भाजपा का रहा। इससे पहले क्रास-वोटिंग के बीच विधान भवन के तिलक सभागार में 11 प्रत्याशियों के लिए 400 विधायकों ने अपने मत का प्रयोग किया।

आज मतगणना शुरू होने से पहले बसपा की आपत्ति के बाद आयोग की अनुमति का इंतजार किया जा रहा था। आयोग की अनुमति के बाद मतगणना शुरू की गई। बसपा ने चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई थी कि उनके विधायक अनिल सिंह ने अपना वोट दिखाकर नहीं दिया है। ध्यान रहे कि कल रात मुख्यमंत्री से मिलने के बाद अनिल द्वारा अपना वोट भाजपा को देने की बात है।

उल्लेखनीय है कि बसपा विधायक अनिल सिंह के भाजपा के पक्ष में वोट देने से बसपा को तगड़ा झटका लगा है। सपा के साथ ही कांग्रेस तथा रालोद व दो निर्दलीय विधायकों की मदद से अपने प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर को राज्यसभा में भेजने के प्रयास में लगी बसपा प्रमुख मायावती को उनके ही विधायक से इतने तगड़े झटके की उम्मीद नहीं थी। उन्नाव जिले के बसपा विधायक अनिल ने मतदान के बाद अंतरात्मा की आवाज पर भाजपा के प्रत्याशी को वोट देने की बात कही और बोले वह अंतरात्मा से आवाज आने के बाद अपने को रोक नहीं सके।

अनिल ने कहा कि मैंने महाराज को वोट दिया है। वोट डालने के बाद अनिल सिंह ने कहा कि उन्होंने बसपा से बगावत नहीं की है बल्कि वोट अंतरात्मा की आवाज पर दिया है। हम महाराज जी के साथ है। वोट लालजी वर्मा को दिखाकर दिया है। अनिल सिंह के इस कदम से उत्तर प्रदेश में बसपा मुखिया मायावती के साथ उनके प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर को झटका लगा है। बसपा विधायक अनिल सिंह ने पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया है। मतदान वोटिंग से कुछ घंटे पहले बसपा विधायक अनिल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की थी।

क्रास-वोटिंग के बीच विधान भवन के तिलक सभागार में कुल 11 प्रत्याशियों के लिए 400 विधायकों ने अपने मत का प्रयोग किया। प्रात: नौ बजे शुरू हुआ मतदान निर्धारित समय चार बजे से लगभग एक घंटा पूर्व तीन बजे ही समाप्त हो गया। तीन वोट नहीं पड़े। इनमें दो विधायक सपा के हरिओम यादव और बसपा के मुख्तार अंसारी, जेल में बंद होने के कारण मतदान नहीं कर सकें। बिजनौर जिले की नूरपुर सीट, विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण रिक्त है। सुबह नौ बजे से पहले ही वोट डालने के लिए विधायकों का विधान भवन में पहुंचना शुरू हो गया था।

कांग्रेस और बसपा के विधायक एक साथ मतदान करने पहुंचे। कांग्रेस के कुल सात व बसपा के कुल 18 में से 17 विधायकों ने एक साथ पहुंच कर अलग अलग गुट में वोट डाले। सपा के शिवपाल यादव और राष्ट्रीय लोकदल के सहेंद्र रमाला दस बजे से पहले वोट डालने वालों में शामिल थे। सबकी निगाहें क्रास वोटिंग पर लगी थी। बसपा के बागी विधायक अनिल सिंह, भाजपा के प्रकाश द्विवेदी व निषाद पार्टी विजय मिश्र के साथ वोट डालने के लिए पहुंचे। उन्नाव जिले के पुरवा क्षेत्र से विधायक अनिल सिंह ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित भोज में पहुंच कर अपनी निष्ठा बदलने का संकेत दे दिया था। अनिल बसपा द्वारा आयोजित नाश्ते में भी नहीं गए। किसे वोट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतरात्मा की आवाज पर मतदान किया और वह महाराज जी यानी मुख्यमंत्री योगी के साथ हैं।

समाजवादी पार्टी के नितिन अग्रवाल भी बागियों में शामिल थे। कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक के साथ मतदान कर लौटे नितिन ने भाजपा को दिखाकर वोट देने का दावा किया। योगी सरकार से खफा चल रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपने दो विधायकों के साथ में आटो रिक्शा से वोट डालने को पहुंचे। ओमप्रकाश के तेवर पूरी तरह से बदले हुए थे। उन्होंने ठोंककर भाजपा के पक्ष में वोट देने का दावा करते हुए आरक्षण पर मुख्यमंत्री के फैसले को भी सराहा। वहीं, अपनी बहन के साथ वोट डालने पहुंचे निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी ने भी भाजपा के पक्ष में ही मतदान करने की बात कही।

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