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राष्ट्रीय वयोश्री योजना: कल बाटेंगे सीएम 4115 चिन्हित लाभार्थियों को 217 लाख रुपयों के 7072 उपकरण

गोरखपुर राष्ट्रीय वयोश्री योजना

गोरखपुर: भारत सरकार की एडिप योजना एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अन्तर्गत निशुल्क सहायक उपकरण वितरण समारोह का आयोजन 4 फरवरी को दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता मंत्री भारत सरकार थावरचन्द गेहलोत दिव्यांगों को उपकरण वितरित करेंगे।

जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल जाकर तैयारियों की समीक्षा किया तथा समय से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शारीरिक दुर्बलता से ग्रसित वरिष्ठ नागरिको के लिए जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते है और वृद्धावस्था के कारण शारीरिक दृर्बलता से ग्रसित है,के लिए सामान्य दिनचर्या में सहायता हेतु सहायक यंत्र व उपकरण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय वयोश्री योजना का सृजन किया गया है। अब तक के आयोजित किये जा चुके वयोश्री योजना अन्तर्गत यह 20वां शिविर है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं एडिप योजना के वितरण शिविर में एल्मिको द्वारा 4115 पूर्व चिन्हित लाभार्थियों को लगभग रू0 217 लाख के 7072 नित्य जीवन सहायक एवं दिव्यांग सहायक उपकरण वितरित किये जायेगे। एडिप योजना के अन्तर्गत एल्मिको द्वारा 1669 पूर्व चिन्हित लाभार्थियों को लगभग रू0 123 लाख के 2585 दिव्यांग सहायक उपकरण वितरित किये जाएंगे। इसमें 685 ट्राईसाइकिल, 236 फोल्डिंग व्हील चेयर,7 सी0पी0 चेयर,489 बैशाखी,135 वांकिग स्टिक, 50 ब्रैल केन, 11 ब्रैल किट, 150 स्मार्ट केन, 17 रोलेटर, 309 बी0टी0ई0(कान की मशीन) 130 एम0 एस0 आई0डी0 किट, 48 स्मार्ट फोन, 39 डेजी प्लेयर,03 ए0डी0एल0 कीट, 276 कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स वितरित किये जाएंगे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अन्तर्गत एल्मिको द्वारा 2446 पूर्व चिन्हित लाभार्थियों को लगभग रू0 94 लाख के 4487 नित्य जीवन सहायक उपकरण 225 फोल्डिंग व्हील चेयर, 75 बैशाखी,603 वांकिग स्टिक,17 फोल्डिंग वाकर वाॅकर, 950 बी0टी0ई0 (कान की मशीन), 627 ट्राईपोड, 168 टेट्रापोड, 973 चश्मा, 849 कृत्रिम दंत वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम स्थल पर डाक्टरों की टीम लाभार्थी का दांत सेट करेगी। इन सहायक उपकरणों के माध्यम से लाभार्थियों को स्वावलम्बी व सशक्त करने के उद्देश्य को पूरा किया जा सकेगा और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकेगा।

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