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सरकार पर दबाव बनाने के लिए साधू संतो ने बुलाई है धर्म सभा: आबकारी मन्त्री जय प्रताप सिंह

कृपा शंकर भट्ट
सिद्धार्थनगर: अयोध्या में आज होने वाली धर्म सभा पर प्रदेश के आबकारी मन्त्री जय प्रताप सिंह ने कहा है कि यह धर्म सभा साधू संतो ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए बुलाई है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने आज तक राम को क्यों नहीं याद किया? मंत्री ने कहा कि उद्धव मुम्बई के बड़े नेता हैं, उत्तर प्रदेश में वो कुछ भी नहीं हैं। मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि राम मंदिर से सवा सौ करोड़ लोगों की आस्था जुडी है।

बता दें कि अयोध्या में आज विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की धर्मसभा आयोजित होनी है। इसके लिए अयोध्या को किले में तब्दील कर दिया गया है। बड़ी तादाद में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। वहीँ शिवसेना को रैली करने की इजाजत सरकार ने नहीं दी है।

धर्मसभा बड़ा भक्तमाल की बगिया में होगी। इसमें 100 से ज्यादा संत बुलाए गए हैं। राम भद्राचार्य, स्वामी परमानंद, हंसदेवाचार्य और राम भद्राचार्य के साथ राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी मौजूद रहेंगे। आयोजकों ने तीन लाख से अधिक भक्तों के आने का दावा किया है। वीएचपी के प्रांत संगठन मंत्री (अवध) भोलेंद्र ने एक बयान में कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए यह अंतिम धर्मसभा होगी। इसके बाद कोई धर्मसभा नहीं होगी और मंदिर निर्माण शुरू होगा।

वहीं, तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास ने 6 दिसंबर तक राम मंदिर निर्माण न होने पर आत्मदाह की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपनी चिता का पूजन तक कर दिया है। इधर, साध्वी ऋतंभरा ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर पर अब और प्रतीक्षा नहीं होती है। साध्वी ने सुप्रीम कोर्ट के इस बयान पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि मंदिर हमारी प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत का यह बयान आहत करने वाला है।

अयोध्या में होने वाली धर्मसभा में काशी नगरी के वीएचपी कार्यकर्ता अलग ही दिखेंगे। वाराणसी और आसपास के जिले से करीब 50 हजार वीएचपी कार्यकर्ता शनिवार को बस-ट्रेन एवं अन्य साधनों से रामनगरी के लिए रवाना हुए। कार्यकर्ता अपने साथ त्रिशूल, भस्म, बाघ अंबर आदि ले गए हैं। धर्मसभा में उमड़ने वाली भीड़ में ये जटा-जूटधारी भगवान शिव का रूप धारण कर पहुंचेंगे। इस बीच वाराणसी आए ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम के चिंदानंद सरस्वती ने कहा कि जैसे मक्का मुसलमानों के लिए आस्था का विषय है, वैसे ही राम मंदिर हिंदुओं के लिए।

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