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गोरखपुर स्टेशन पर शुरू हुई ई-रिक्शा सर्विस, नाराज कुलियों ने जताया विरोध

गोरखपुर स्टेशन पर शुरू हुई ई-रिक्शा सर्विस

गोरखपुर: सोमवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शुरू हुई पे एण्ड यूज ई-रिक्शा सेवा कुलियों की कमाई पर भारी पड़ रही है। जिससे नाराज कुलियों ने इसका विरोध जताया और गोरखपुर स्टेशन प्रबंधक से मिलकर इस सेवा को बंद कराने की मांग की। कुलियों की दलील थी कि पहले ही लिफ्ट, स्वचलित सीढ़ि़यों और कैब-वे से उनकी कमाई आधी हो गई है ।अब अगर ऐसे ही यह ई-रिक्शा चलता रहा तो कुली पूरी तरह से बेरोजगार हो जाएंगे।

इस दौरान करीब एक दर्जन कुली मौजूद थे। उनकी मांग पर स्टेशन प्रबंधक ने कुलियों से प्रत्यावेदन मांगा है। उन्होंने कहा कि उनका प्रत्यावेदन सम्बंधित अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा।

बता दें कि यात्रियों की सुविधा के लिए सोमवार को गोरखपुर जंक्शन पर पे एंड यूज ई-रिक्शा की शुरूआत की गई है। इसमें प्रति यात्री 20 रुपये का भुगतान कर प्लेटफार्म नम्बर एक से दो या दो से प्लेटफार्म पर एक पर जाया जा सकता है। हालांकि बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए नि:शुल्क दिव्यांग रथ मौजूद है। इस रथ पर सामान्य यात्री नहीं बैठ सकते हैं।

ऐसे में सामान्य यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पेड सर्विस शुरू की। जिसमें एक ई-रिक्शा का संचलन नए साल के पहले दिन सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन ही सैकडों यात्रियों ने ई-रिक्शा की सुविधा ली और आसानी से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंच गए। विश्व का सबसे लम्बा (1346 मीटर) प्लेटफार्म होने के नाते यहां प्लेटफार्म नम्बर से एक से दो पर जाना या दो से एक पर जाना काफी कष्टकारी होता था। एक किलोमीटर से भी ज्यादा चलना पड़ता था ,वह भी सामान के भार के साथ।

इसके लिए कुलियों की सेवा लेनी पड़ती थी, कई बार वह भी नही मिल पाती थी। ऐसे में यह प्रीपेड सेवा सभी तरह के यात्रियों के लिए काफी कारगर साबित होगी।इस सेवा की सबसे अच्छी बात यह है कि 24 घंटे तक यात्री इसका लाभ ले सकते हैं। शुरुआत में अभी केवल प्लेटफॉर्म संख्या 1 और 2 के लिए एक ही ई-रिक्शा लगाई गई है। आगे चलकर तीन और ई-रिक्शा यात्रियों के लिए रखा जाएगा।

इस सेवा के शुरू होते ही लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया। जिसे देखकर प्लेटफॉर्म पर सवारियों का इंतजार कर रहे कुलियों की कमाई पर खासा असर पड़ा।जिसे देखते हुए नाराज कुलियों ने इसका विरोध जताया और स्टेशन प्रबंधक से मिलकर इस सेवा को बंद कराने की मांग की।

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