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VIDEO: भालचंद यादव ने लगाया हरिशंकर तिवारी पर उनकी हत्या के लिए सुपारी देने का आरोप

शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी/राकेश मिश्रा
संतकबीरनगर: पूर्व सपा सांसद भालचंद यादव ने अपनी जान का ख़तरा बताते हुए प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और गोरखपुर क्षेत्र के चर्चित नेता हरिशंकर तिवारी पर अपनी हत्या के लिए सुपारी देने का आरोप लगाकर क्षेत्र में हलचल मचा दी है।

पूर्व सपा सांसद भालचंद यादव का आरोप है कि चिल्लूपार के पूर्व विधायक हरिशंकर तिवारी राजनीतिक लाभ लेने के लिए उनकी हत्या करा सकते हैं। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाया कि हरिशंकर तिवारी ने उनकी हत्या करवाने के लिए करोड़ों रुपए की सुपारी दे रखी है।

भालचंद का कहना है कि वो अपनी सुरक्षा के लिए सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से तीन बार मिलकर गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक उन्हें राज्य सरकार की तरफ से कोई भी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराई गयी है। भालचंद ने कहा कि वो और योगी एक साथ सांसद रह चुके हैं। उनके योगी से बहुत मधुर सम्बन्ध हैं। लेकिन उसके बाद भी अभी तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि केवल एक गनर के भरोसे भला वो अपने आप को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

पूर्व सांसद ने कहा कि यही नहीं अपनी सुरक्षा के लिए वो केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाक़ात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिली है।

बता दें कि भालचंद यादव और हरिशंकर तिवारी परिवार की अदावत कोई नयी नहीं है। हरिशंकर तिवारी के बड़े बेटे भीष्म शंकर तिवारी2009 के लोक सभा चुनाव में भालचंद यादव को पटखनी देकर संतकबीरनगर लोक सभा सीट से सांसद बने थे। उस चुनाव में भालचंद को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था। हलाकि 2014 के चुनाव में भीष्म शंकर चुनाव हार गए लेकिन उसमे भी भालचंद को तीसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा था। 2014 के चुनाव में भाजपा के शरद त्रिपाठी ने संतकबीरनगर लोक सभा सीट जीती थी।

भालचंद 2004 और 1999 में दो बार खलीलाबाद सीट से सांसद रह चुके हैं। एक बार वो बसपा के टिकट पर सांसद बने थे तो एक बार सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। 2004 में भालचंद ने भीष्म शंकर को पटखनी देकर चुनाव जीता था। उस चुनाव में भीष्म शंकर समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में थे।

बता दें कि 2019 में चुनाव में भी ऐसा माना जा रहा था कि बहुजन समाज पार्टी पूर्व सांसद भीष्म शंकर तिवारी को मैदान में उतारने का मन बना चुकी है। वहीँ दूसरी तरफ सूत्रों के अनुसार भालचंद भाजपा में जाने की पूरी जोर आजमाइश कर रहे हैं। खैर चुनाव कौन लड़ेगा कर कौन जीतेगा यह बात तो अभी भविष्य के गर्भ में है लेकिन एक बात तो तय हैं कि ऐसे माहौल में सीधे-सीधे हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाने से क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी निश्चित रूप से बढ़ जाएगी।

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