टॉप न्यूज़

गोरखपुर: कर्मचारियों ने पार्षदों के फर्जी दस्तखत कर निगम को किया ODF घोषित, दी गई तहरीर

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: नगर निगम के बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों ने अनूठा फर्जीवाड़ा किया है। कर्मचारियों ने सभासदों के फर्जी दस्तखत कर नगर निगम के आने वाले सभी 70 वार्डों को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित कर दिया है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब आज वार्ड नंबर 66 मुफ्तिपुर से पार्षद जियाउल इस्लाम ने वार्ड नंबर 21 बेतिया हाता के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी सोनू के साथ जाकर घोषणा पत्र पर किये गए अपने दस्तखत को फर्जी बता कोतवाली में तहरीर दी। बता दें कि पिछले हफ्ते नगर निगम ने सभी 70 वार्डों को ओडीएफ घोषित कर केन्द्रीय स्तरीय जांच के लिए शासन को पत्र भेज दिया। इसी क्रम में सभी पार्षदों से पांच बिंदुओं पर सहमति गयी। अधिकतर पार्षदों ने पांच बिंदुओं पर सहमति देने से इंकार कर दिया।

खैर मामला यहीं नहीं रुका। आज वार्ड नंबर 66 मुफ्तिपुर से पार्षद जियाउल इस्लाम ने बताया कि आज जब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि घोषणा पत्र पर उनके फर्जी दस्तखत कर निगम के कर्मचारियों ने जमा कर दिया है तो उन्होंने उस घोषणा पात्र की मांग निगम के कर्मचारी फरहान शानू से की। शानू ने पार्षद को वह घोषणा पत्र देने से इंकार कर दिया। जियाउल इस्लाम ने बताया कि निगम के कर्मचारी शानू ने कहा कि वो जिस पार्षद की चाहे फर्जी हस्ताक्षर कर जमा कर देगा। कर्मचारी ने कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता। वो अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ कई ने कर्मचारी दी है।

पार्षद जियाउल इस्लाम ने कोतवाली में दी गयी अपनी तहरीर में लिखा है कि उनके द्वारा कर्मचारी को यह कहने पर की घोषणा पत्र मानकों को पूरा नहीं कर रहा है पर शानू भड़क गया और गाली देते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

बता दें कि नगर निगम ने गांधी जयंती के दिन यानी दो अक्तूबर से पहले शहर को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा था। इसी क्रम में निगम ने वार्डों को खुले में शौच मुक्त घोषित कर इसकी सूचना शासन को भेज दी है। हालांकि नगर निगम के दावे पर पार्षद ही सवाल खड़े कर रहे हैं। नगर निगम ने बीते 21 और 29 अगस्त को विज्ञापन प्रकाशित कर सभी 70 वार्ड को ओडीएफ घोषित किया गया। नगर निगम ने 7 सितम्बर को एक बार फिर विज्ञापन निकाला। जबकि हालत यह है कि आज भी नगर के कई इलाकों में लोग खुले में शौच करते देखे जा सकते हैं। हार्बट बंधे, महानगर क्षेत्र से होकर गुजरने वाले रेल की पटरियों और आरकेबीके समेत दर्जन भर स्थानों पर खुले में शौच करते लोग दिख जायेंगे।

वहीँ जब इस बाबत Gorakhpur Final Report ने वार्ड नंबर 21 बेतिया हाता के पार्षद और नगर निगम कार्यकारिणी के सदस्य विश्वजीत त्रिपाठी सोनू से बात कि तो उनका कहना था कि यह फर्जीवाड़ा उनके साथ भी हुआ है। उन्होंने कहा कि वो भाजपा के पार्षदों की बात तो नहीं जानते लेकिन समाजवादी पार्टी के सभी 18 और उनको समर्थन दे रहे चार अन्य पार्षदों के घोषणा पत्र पर फर्जी दस्तखत कर उन सभी के वार्डों को ODF घोषित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जिस भी कर्मचारी ने नगर निगम के 70 वार्डो को फ़र्ज़ी हस्ताक्षर के माध्यम से ओडीफ़ घोषित किया है, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नगर निगम प्रशासन कार्यवाही करे और उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करे। उन्होंने कहा कि शहर में दर्जनों ऐसी जगहें हैं जहाँ अभी भी लोग खुले में शौच करते हैं।

बता दें कि सम्बंधित घोषणा पत्र पर पार्षदों से पांच बिंदुओं पर सहमति ली जा रही है। वो बिंदु हैं–वार्ड में सभी व्यवसायिक क्षेत्रों के एक किमी के दायरे में एक सार्वजनिक शौचालय है, वार्ड के सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों ने स्व: घोषणा प्रस्तुत की है कि पंजीकृत सभी छात्रों की पहुंच में शौचालय है। वह उसका प्रयोग घर अथवा विद्यालय में करते हैं, दिन में किसी समय में वार्ड में कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करने नहीं पाया गया, वार्ड के सभी घरों, जिनमें शौचालय निर्माण की जगह थी, उनमें शौचालय का निर्माण हो चुका है, और वार्ड के सभी घरों के निवासी जिनके पास शौचालय निर्माण की जगह नहीं है, वहां 500 मीटर की दूरी पर सामुदायिक शौचालय है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *