टॉप न्यूज़

अब गोरखपुर नगर निगम भी बनाएगा रिहाइशी आवास, खाली पड़े 40 दुकानों का होगा फिर से आवंटन

नगर निगम भी बनाएगा गोरखपुर में रिहाइशी आवास

गोरखपुर: अब शहर में जीडीए की तर्ज पर ही नगर निगम भी अपनी खाली पड़ी जमीनों पर रिहाइशी फ्लैट बनवायेगा।यह काम जरिये बिल्डर से समझौते के मार्फ़त होगा।इसके अनुमोदन के लिए नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाये जाने की तैयारी हो रही है।इससे पहले भी नगर निगम शहर में कई जगहों पर व्यावसायिक काम्प्लेक्स का निर्माण करवा चुका है।

बताते चलें कि नगर निगम की शहर में कई जगहों पर जमीन खाली पड़ी है।जिसका उपयोग न होने के कारण अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई है और उस जमीन से निगम को कोई लाभ भी नही मिल रहा है। जबकि इन जमीनों को बारम्बार अतिक्रमण मुक्त कराने पर उल्टे पैसा खर्च होता है।इसको देखते हुए अब नगर निगम अपनी खाली जमीनों पर व्यवसायिक व बहुमंजिला रिहाइशी आवास बनवाने की तैयारी में जुट गया है।

फिलहाल नगर निगम की योजना आज़ाद चौक, भगवती चौराहा और घोष कम्पनी पर व्यवसायिक कांप्लेक्स एव बहुमंजिला भवन बनाने की है।यह सब नगर निगम की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।जिसके लिए महापौर सीताराम जायसवाल और नगर निगम के अधिकारियो ने इसमे दिलचस्पी दिखाई है। नगर निगम के अनुसार निगम की रुस्तमपुर मे आजाद चौक के पास नौ डिसमिल जमीन है जिस पर नीचे व्यवसायिक कांप्लेक्स तथा ऊपर हिस्से मे आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे।

इसी तरह भगवती चौराहे पर 2.5 एकड़ जमीन है जिस पर नीचे व्यवसायिक कांप्लेक्स तथा उसके ऊपर बहुमंजिला आवासीय भवन बनाया जाएगा। घोष कंपनी मे निगम की एक जमीन है जिस पर कुछ लोगो ने अतिक्रमण किया है। साथ ही एक व्यक्ति ने उस पर न्यायालय मे वाद दाखिल किया है। उसके साथ समझौता कर वहां भी शानदार व्यवसायिक कांप्लेक्स और ऊपरी हिस्से मे बहुमंजिला भवन बनेगा।

महापौर ने संबंधित अधिकारियो से प्रस्ताव बनाकर सदन की बैठक मे रखने का कहा है। अगर यह तीनो योजनाएं कामयाब रहीं तो निगम अपनी अन्य खाली जमीनो पर भी व्यवसायिक कांपलेक्स के साथ-साथ बहुत मंजिला आवासीय भवन बनाएगा।

इसी क्रम में महानगर मे गोरखपुर नगर निगम की विभिन्न जगहो पर 40 से अधिक दुकाने खाली पड़ी है। इसके कारण निगम को हर साल लाखो रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हजारीपुर मे 16, खूनीपुर मे छह समेत कई जगहो पर एक से ज्यादा दुकाने रिक्त है। निगम इन दुकानो का नए सिरे से आवंटन होगा। हजारीपुर मे सात दुकान धोबियो के लिए आरक्षित है। अगर धोबियो ने दुकाने नही ली तो निगम शासन को पत्र लिखकर आरक्षित कोटा समाप्त करने की मांग करेगा।

इस योजना के बारे में नगर निगम के महापौर सीताराम जायसवाल का कहना है कि नगर निगम की खाली जमीनो पर पहले बाउंड्री कराई जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर जरूरत के हिसाब से शापिंग कांप्लेक्स और बहुमंजिला आवासीय भवन बनाया जाएगा। इससे निगम की आय मे बढोत्तरी होगी।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *