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दक्षिणांचल में अवैध खनन जोरों पर, थाने के सामने से बेधड़क निकल रही हैं मिट्टी लदी ट्रालियां

रोक के बाद निर्माण की आड़ में तेज हुआ अवैध खनन
पुलिस की मौन स्वीकृति से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद

डी पी राय
गोरखपुर: प्रदेश मे पहली जुलाई से खनन पर पूरी तरह से रोक लगने के बाद भी प्रदेश मुखिया के गृह जनपद स्थित दक्षिणांचल के गगहा थाना क्षेत्र में मिट्टी खनन का कार्य बिना रोक टोक के जोरों पर चल रहा है। वहीँ पुलिस विभाग द्वारा कारवाई करने के बजाय चुप्पी साधना समझ से परे हैं। कस्बे के लोगों में पुलिस की इस मौन स्वीकृति पर सख्त एतराज है लेकिन सवाल यह है कि बिल्ली के गले में घण्टी कौन बांधे।

फोरलेन सड़क निर्माण के नाम पर गगहा क्षेत्र में मिट्टी खनन का अवैध कारोबार जोरों पर चल रहा है। बिना रोक टोक के मिट्टी से लदे दर्जनों वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-29 के सड़कों से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। एक तरफ कारोबारी शासन प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं वहीं खनन से मिलने वाले राजस्व का भी क्षति करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

प्रदेश सरकार मिट्टी व बालू के अवैध खनन कारोबार पर एक जुलाई से पूरी तरह से अंकुश लगाते हुए मिट्टी खनन पर सख्त कदम उठाते हुए कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। लेकिन धंधे से जुड़े कारोबारी फोरलेन निर्माण की आड़ में अवैध खनन कारोबार को अंजाम देने में लगे हैं।

गगहा क्षेत्र में फोरलेन निर्माण में सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के नाम पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्से से बेरोकटोक सैकड़ो वाहन मिट्टी निकाल कर अन्य निजी निर्माण के उपयोग में लगा रहें हैं। रात हो या दिन, क्षेत्र के विभिन्न संपर्क मार्गों सहित राष्ट्रीय राजमार्ग पर मिट्टी से लदे वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाकर दौड़ते नजर आ रहें है।

सूत्रों के मुताबिक कारोबार से जुड़े अधिकांश कारोबारी मानक के विपरीत अधिक गहराई तक मिट्टी निकाल रहें हैं वहीं बिना विभाग की अनुमति लिये ही खनन कार्य को अंजाम दे रहे है । सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी है। थाने के सामने से गुजर रहे मिट्टी वाहन पुलिस की भूमिका पर भी सवाल पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक पंजीकृत ठेकेदारों को रायल्टी जमा करने के साथ मानक के अनुसार खनन कराने का प्रावधान जारी कर रखा है।

अवैध कारोबारियों पर अंकुश लगाने की जल्द होगी कार्रवाई : एसडीएम

इस संबंध में एसडीएम बांसगांव अरूण मिश्रा का कहना है कि पंजीकृत ठेकेदार ही को परमिट मिलता है। जिसके बदले रायल्टी जमा करने का प्रावधान है। अवैध कारोबारी पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा ।

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