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गोरखपुर की धरती से पुष्पित योग धारा पूरी दुनिया में फैला रही है सुगन्ध: योगी आदित्यनाथ

Adityanath-at-Internationalगोरखपुर: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पर आये योगाभ्यासियों, भक्तों एवं महानगर के प्रबुद्धजनों को सम्बोधित करते हुए गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयत्न से योग में भारत आज पुनः विश्वगुरु पद पर प्रतिष्ठित हुआ है। आज जब हम यहा अत्यन्त गौरव के साथ यह घोषणा कर रहे इस समय दुनिया के 190 देश भारत के निर्देशन में ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर योगाभ्यास कर रहे है।
उन्होंने कहा की 21वीं शताब्दी में भारत के जगत्गुरु बनने की यात्रा का यह एक कदम है। हम भारतीयों के लिए यह अत्यन्त गौरव का विषय है। भारत की सनातन परम्परा और योग ही मानव सभ्यता को बचा सकती है। मनुष्य को सुख और शान्ति का स्थायी मार्ग दिखा सकती है। दुनियां भी अब यह स्वीकार करने लगी है और योग को मिला अन्तर्राष्ट्रीय समर्थन इस बात का प्रतीक है।
International-Yoga-Dayशहर सांसद ने कहा योग भारतीय मनीषियों की आध्यात्मिक चेतना का एक ऐसा प्रतिबिम्ब है जिसे प्रत्येक मानव उपासना पद्धतियों के बिना किसी विरोध के स्वीकार कर रहा है। यह शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक अनुशासन की ऐसी पद्धति है जिसके द्वारा मन और शरीर पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और अन्ततः सत्य की अनुभूति तथा प्रत्येक प्रकार के बंधनों से पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है।
उन्होंने कहा की यह साधना पद्धति उतनी ही प्राचीन और सनातन है जितनी की भारतीय संस्कृति की। तथापि महायोगी गुरु गोरक्षनाथ ने इस पद्धति को अपने अनुभव से सर्वजनीय बनाया। गुरु श्री गोरक्षनाथ द्वारा प्रवर्तित योग साधना ने भारत की सनातन परम्परा को और अधिक समृद्ध और मजबूत किया। हमें इस बात पर गर्व है कि हम महायोगी गुरु गोरक्षनाथ की परम्परा के वाहक है। गोरखपुर की धरती से पुष्पित एवं पल्लिव यह योग धारा आज दुनिया के कोने-कोने में पिड़ित मानव को सुख का सुगन्ध पहुॅचा रही है।
International-Yoga-Day-1उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में 21 जून की तिथि के सन्दर्भ में कहा कि भारत के ऋषि परम्परा के प्रति यह दुनिया की श्रद्धा का दिवस बन गया है। एक प्रश्न यह उठना स्वाभाविक है कि आखिर 21 जून ही क्यो? योग का उद्देश्य है मनुष्य की शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक ऊर्जा का संयोजन। सामान्यतः ऊर्जा के हमारे तीनों केन्द्र अलग-अलग दिशा में कार्य करते है। तीनों मार्ग का संयोजन से हमारी कार्य की गुणवत्ता एवं क्षमता में वृद्धि होती है। यही स्थिति इस सृष्टि के साथ भी है। इस सृष्टि में ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत ‘सूर्य’ है। पृथ्वी पर सूर्य की उपस्थिति जितनी लम्बी रहेगी इस तिथि को सबसे अधिक ऊर्जा की मौजूदगी भी सुनिश्चित करती है।
उन्होंने कहा की 21 जून वह तिथि है जब सूर्य की उपस्थिति पृथ्वी पर सबसे लम्बी अवधि तक रहती है। इस तिथि पर सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर सबसे प्रखर रूप से होती है। यही है रहस्य 21 जून की तिथि और योग दिवस की।
International-Yoga-Day-3योग को लेकर चल रहे कार्यक्रम में आज गोरखपुर के सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिंहा व नगर विधायक डाक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल व पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव मिश्रा के नेतृत्व में योग दिवस मनाया गया । जिसमें हजारो की संख्या में लोग स्वेच्छा से भाग लिए और योग क्रिया का लाभ लिया। इसी क्रम में मोहद्दीपुर स्थित विंध्यवासिनी पार्क में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर डॉ सत्या पाण्डेय ने विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर योग दिवस की शुरुआत किया। जिसमे महानगर से आये सैकड़ो लोगों ने हिस्सा लिया।
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