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गोरखपुर में पुलिस पर गम्भीर आरोप, हालमार्क जांच में फंसे व्यापारियों ने लगाया गबन का आरोप

गोरखपुर में पुलिस पर लगाया गबन का आरोप

गोरखपुर: सीएम के शहर गोरखपुर में पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है। बीते दिनों पुलिस ने कुछ स्वर्ण व्यवसाइयों के दुकान पर छापा मारा था। अब उसी मामले में छापेमारी के दौरान नगद पैसे और सोने की बरामदगी में पुलिस द्वारा गमन किये जाने का मामला प्रकाश में आया है।

व्यापारी की माने तो पुलिस ने उसे फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी दे कर चुप रहने को कहा है, फिलहाल मामला अब मुख्यमंत्री तक पंहुच रहा है।

शहर में गहनों के लिए सबसे विश्वसनीय बाजार घंटाघर में पुलिस ने छापेमारी कर फर्जी हालमार्क वाले गहने बरामद किये है, इस धंधे में इस्तेमाल होने वाली मशीन भी बरामद की गई है। पुलिस की माने तो गोपनीय सुचना मिली थी, कि बाजार में गहनों पर फर्जी हालमार्क का इस्तेमाल कर ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा है।

पुलिस ने गोपनीय तरीके से जाँच कराई तो इस धंधे से जुड़े छह लोगो के नाम सामने आये। लेकिन पुलिस की ये कार्यवाही संदेश के घेरे में उस समय आ गई, जब गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने पुलिस पर ही पैसे और जेवर के गमन का आरोप मीडिया के सामने आकर लगा दिया। छापेमारी के दौरान गिरफ्तार स्वर्ण व्यवसाइयो के परिजनों ने प्रेस कांफ्रेस कर उस वक्त खलबली मचा दी, जब पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही थी।

घंटाघर में फर्जी हालमार्क का इस्तेमाल कर गहने बेचे जाने की शिकायत पर छापेमारी करने गई, पुलिस टीम को स्वर्ण कारोबारियो ने कठघरे में खड़ा कर दिया है। बरामदगी और जब्ती में सोना और नगदी की मात्रा में अंतर होने की बात कहते हुए सोना और नकदी हडपने का आरोप पुलिस वालो पर लगाया है, हालांकि पुलिस इन आरोपों को निराधार बता रही है।

फिलहाल स्वर्ण व्यवसाई सुनील जायसवाल और तमाम पीड़ित स्वर्ण व्यवसाईयो ने आरोप लगाया है कि यहा किसी प्रकार का कोई हालमार्क का काम नहीं होता है, किसी के चढाने पर ये छापेमारी की गई है।

एक पीड़ित व्यापारी की माने तो एक किलो 330 ग्राम सोना और 4 लाख 33 हजार नगद पुलिस ने उसकी दूकान से अपने तलाशी के दौरान ले गई, जबकि मुकदमे में मात्र एक सौ 17 ग्राम सोना दिखाए, और कैश 33 हजार रूपये दर्ज किया।

पुलिस ने अपने कारनामो को छुपाने के लिए दूकान में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे के हार्ड डिस्क अपने साथ ले गई, ताकि उनकी कार्यवाही जो कैमरे में कैद हो रही थी, वो सामने न आ सके और इनके पिता के साथ दुकान के एक कर्मचारी को जेल भेज दिया।

कमोबेश यही कार्यवाही पुलिस ने बाजार में एक अन्य दूकान आदित्य ज्वेलर्स नामक दुकान पर भी किया। दूकान के मालिक ने बताया की सीओ कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस अचानक उनके दूकान पर पंहुची और उनके गल्ले में रखा हुआ 2 लाख रुपया नगद और 400 ग्राम सोना सीओ ने अपने जेब में रख लिया। जिसमे से 180 ग्राम सोना और मात्र 75 हजार रूपये मुकदमे में दर्शाया है। सीसीटीवी कैमरे के हार्ड डिस्क को अपने साथ ले गई और मालिक के 2 भाई और एक कर्मचारी को पुलिस ने जेल भेज दिया।

दुकान में मौजूद टंच मशीन जो सोने की शुद्धता को परखने का काम करती है, पुलिस ने उसको भी अपने कब्जे में लिया। मजेदार बात ये है, कि पुलिस ने इस मशीन को हालमार्क स्टैम्पिंग मशीन बताया, जबकि ये सोने की शुद्धता को परखने को मशीन है।

पीड़ित आरोपियों के मीडिया में सामने आने के बाद पुलिस अपने आप को घिरता हुआ महसूस कर रही है। साथ ही मामला मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के संज्ञान में भी पीड़ित व्यापारियों ने डाल दिया है, इसलिए पुलिस ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर रही है।

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