टॉप न्यूज़

खादी महोत्सव में कश्मीर की दस्तकारी और ड्राई फ्रूट को पसंद कर रहे शहरवासी

गोरखपुर खादी महोत्सव

गोरखपुर: महानगर के कचहरी क्लब मैदान में लगी खादी महोत्सव  ग्रामोद्योग विभाग द्वारा पाक्षिक प्रदर्शनी में जहां एक ओर रामधुन बापू की याद दिला रही है तो दूसरी ओर खादी उनकी सीख की याद दिला रही। बापू के आधारभूत हस्तशिल्प में सूत कातने की के लिए आधुनिक चरखा लुभा रहा तो वहीं लकड़ी का परंपरागत चरखा पुराने दौर की याद दिला रहा है।

यहां न सिर्फ खादी की विकास यात्रा को समझाने वाले साज-ओ-सामान दिख रहे हैं बल्कि खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े एक से बढ़कर एक लुभावने उत्पाद भी मिलेंगे। चारों तरफ लगे स्टाल देश की विविधतापूर्ण संस्कृति और कारीगरी का हुनर दिखा रही है।

khadi mahotsav in gorakhpur

khadi mahotsav in gorakhpur

बता दें कि महोत्सव के पहले दिन से ही शहरवासियों की अच्छी तादाद कश्मीर के गर्म कपड़ों और ड्राई फ्रूट के स्टॉल पर लगी हुई है। अनंतनाग के शाहबाद खादी ग्रामोद्योग में की ओर से लगे स्टॉल पर मौजूद कोट, शाल, सूट, स्वेटर, जैकेट, कंबल, रजाई, पशमीना शॉल लोगों को भा रहे हैं। इनकी रेंज 400- 5000 रुपयों के बीच है। खरीदारों को लुभाने के लिए 30 फीसदी की छूट भी दी जा रही है।

स्टॉल के संचालन सब्बीर अहमद ने बताया कि पशमीना शॉल को डिमांड पर तैयार किया जाता है, लाइट वेट, गर्म होने के साथ ही खास कारीगरी पशमीना शॉल अन्य शॉलों से अलग बनाती है। इनकी कीमत डेढ़ लाख रुपये तक होती है। इसे तैयार करने में ही 80 हजार रुपये तक का खर्च आता है। ज्यादा महंगा होने की वजह से पशमीना शॉल को डिमांड पर तैयार किया जाता है।

शहरवासियों के लिए सेमी पशमीना शॉल की बेहतरीन रेंज लेकर आए हैं। इनके अलावा प्रदर्शनी में बंगाल, असम की सिल्क के साथ कानपुरी चमड़े के उत्पाद, बीकानेर की नमकीन और पापड़ का स्वाद भी लोगों को मिल रहा है।

खादी महोत्सव में कश्मीर के ड्राई फ्रूट के स्टाल पर खुबानी(एप्रीकॉट) और लेह- लद्दाख की हींग भी अपनी खुशबू बिखेर रही है। मो. अर्शीद ने बताया कि खुबानी के अनेको लाभ हैं। खुबानी को न सिर्फ फल के रूप में बल्कि खुबानी के बीज भी इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में सहायक होते हैं। ये जल्दी किसी ड्राईफ्रूट की दुकान पर नहीं मिलते हैं। खादी महोत्सव से शहरवासी इसे आसानी से खरीद सकते हैं, इसकी कीमत 800 रुपये किलो रखी है। साथ ही लेह- लद्दाख की खास हींग भी मौजूद है। इसकी खुशबू साधारण हींग से कहीं बेहतर होती है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *