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19 मार्च को मोदी, योगी करेंगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास, लिंक एक्‍सप्रेस-वे से जुड़ेगा गोरखपुर

19 मार्च को मोदी, योगी करेंगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास

गोरखपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 मार्च को देश के सबसे लम्बे एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करेंगे। 19 मार्च को ही योगी सरकार का एक साल पूरा होगा और यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने शिलान्यास के लिए इसी दिन को चुना है।

जानकारी के अनुसार यूपीडा ने निर्माण शुरू करने को कंपनियों से आरएफक्यू मांगी हैं। एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए यूपीडा 9 जिलों में 85 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहीत कर चुकी है। यूपीडा के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 90 प्रतिशत जमीन होने की स्थिति में ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। एक्सप्रेस-वे के लिए यूपीडा को 4335.67 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत करनी है।

अब तक कुल 3329.91 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। इसमें 438 हेक्टेअर जमीन का पुनर्ग्रहण होना है। एक्सप्रेस-वे के लिए 9 जिलों में जमीन खरीद की प्रक्रिया चल रही है। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए बैंकों के कंसोर्सियम से 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की प्रक्रिया यूपीडा ने शुरू कर दी है। 353 किलोमीटर लम्बी इस परियोजना पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री इसे रिकार्ड 24 महीनों की अवधि यानी 2020 तक निर्मित करना चाहते हैं।

इस एक्सप्रेस की महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सामरिक महत्व का होगा। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भी 3000 मीटर का एयर स्ट्रिप बनाया जाएगा जहां आपात स्थिति में विमानों की लैंडिंग हो सकेगी। इसके लिए सुल्तानपुर जिले के कूडेभार ब्लाकक्षेत्र में जगह चिन्हित की गई है।

लखनऊ से गाजीपुर के 353 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना की लागत करीब 25 हजार करोड़ रुपए आने का अनुमान है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेस वे 6 लेन का होगा, जिसे बाद में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई 110 मीटर से बढ़ा कर 120 मीटर कर दी गई है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को चार धार्मिक स्थलों वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या और गोरखपुर से जोड़ा जाएगा। वाराणसी में एनएच 33 से और अयोध्या, इलाहाबाद और गोरखपुर में इसे लोकनिर्माण विभाग के लिंक मार्ग से जोड़ते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में मिलाया जाएगा।

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के बनने से लखनऊ और बलिया के बीच सफर में लगने वाला समय करीब 5 घंटे तक कम हो सकता है, वहीं इलाके के किसानों को अपनी उपज तेजी से मंडियों तक पहुंचाने और बेहतर कीमत हासिल करने में मदद मिलेगी।

योगी सरकार गोरखपुर से एक लिंक एक्‍सप्रेस-वे बनाने का प्‍लान कर रही है। ये लिंक एक्‍सप्रेस-वे 110 किमी का होगा, जो गोरखपुर से शुरू होकर आजमगढ़ में प्रस्‍तावित पूर्वांचल एक्‍सप्रेस से जुड़ेगा।

रामनगरी अयोध्या को भी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से लिंक करने का प्‍लान तैयार किया गया था. इसके तहत करीब 25 किलोमीटर का लिंक रोड तैयार होगा, जो कि अयोध्‍या से पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे से जुड़ेगा.

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