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कुशीनगर: नहीं थम रहा है जहरीली शराब पीने वालों की मौत का सिलसिला

–जहरीली शराब से 3 दिनों में 10 लोगों की हुई मौत
–लगातार हो रही मौतों से सदमे में हैं क्षेत्र के लोग
–थानाध्यक्ष तरयासुजान सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित
–आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर, एक दीवान और चार सिपाही भी हुए निलंबित
मोहन राव
कुशीनगर: जनपद के तरयासुजान क्षेत्र में तीन दिनों में 10 लोगों की जहरीली शराब पीने से हुई मौत से क्षेत्र के लोग सदमे में हैं। क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देर सबेर यह आंकड़ा और भी बढ़ने की प्रबल उम्मीद है। घटना में कारीगरी करने वाले आबकारी विभाग तथा पुलिस विभाग के लोग पर्दा डालने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। तरयासुजान थाना क्षेत्र के जवही दयाल, बेईपार व खैरटिया गांव में सर्वाधिक मौते हुई हैं । जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचकर कठोर कार्यवाही करते हुए तरयासुजान के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है साथ ही मृतक के परिजनो ढाढ़स बधाते हुए सभी प्रकार के सरकारी अहेतुक सहायता देने का भी आश्वासन दिये।

जहरीली शराब त्रासदी में दो पर मुकदमा दर्ज
तरयासुजान क्षेत्र में हुई जहरीली शराब से मौत के मामले में तरयासुजान थाने में दो लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो गया है। मृतक डेवा के पिता किसुनी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

समय से चेते होते अधिकारी तो नही होती इतनी बड़ी घटना
जहरीली शराब पीने से हुई मौत के प्रकरण में प्रशासन लाख कार्यवाही करने का दावा कर रहा है लेकिन यदि प्रशासन समय से चेता होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती और तमाम घर उजड़ने से बच जाते । पूर्व में बरामदगी तथा अवैध शराब के कारोबारियों पर जवाबदेही कार्रवाई की गई होती तो आज जहरीली शराब की यह त्रासदी देखने को नहीं मिलती।

मालूम हो कि बीते वर्ष के अक्टूबर माह में इसी थाना क्षेत्र के अहिरौली दान नदी के उस पार एसडीएम तमकुही राज द्वारा अवैध कच्ची शराब का जखीरा बरामद किया गया था लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस और आबकारी विभाग हल्के में लेकर शराब के जखीरे को पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाया। उस समय एसडीएम और सीओ ने लगभग 15 ड्रम स्प्रिट तथा 2000 पेटी अवैध शराब बरामद किया था। लेकिन रात होने तथा दुर्गम रास्ते की वजह से अधिकारी गण शराब को नदी पार से नहीं ला पाए। अगले दिन जब प्रातःकालीन अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो तमाम शराब इधर-उधर कर दिया गया था तथा जमीन में गाड़ा गया अवैध शराब को भी वहां से हटा दिया गया था। इतनी बड़ी बरामदगी पर भी मुख्य सूत्रधार पर कार्यवाही नहीं हुई दिखावे के लिए कुछ लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ।

ऐसी चर्चा हो रही है कि शराब के अवैध कारोबारियों को पुनः पुलिस और आबकारी विभाग के लोगों का संरक्षण मिलने लगा और पूर्व के रूप में यह कारोबार फलने-फूलने लगा। कठोर कदम नहीं उठाने की वजह से हलके के सिपाही और आबकारी विभाग के लोगों का मनोबल बढ़ता गया।

आबकारी विभाग की मिलीभगत से फल-फूल रहा है कच्ची का धंधा
तरयासुजान थाना क्षेत्र में जहरीली शराब की से हुई सिलसिलेवार मौत के पीछे कहीं न कहीं आबकारी विभाग की मिलीभगत को जिम्मेदार माना जा रहा है। मोटी कमाई के चक्कर में जिले के आबकारी आला अफसर अपने मातहतों के तहत यह मौत का खेल खेल रहे हैं । तमकुहीराज क्षेत्र में शराब की अवैध कारोबार मे बराबर की सहयोगी कहे जाने वाले आबकारी विभाग के लोग हर माह की बधाई रकम लेकर शराब की अवैध कारोबार का संरक्षण दे रहे हैं । सरकारी दुकानों पर ओवर रेटिंग शराब बिकने की वजह से गरीब और मजदूरों से वह शराब दूर होती गई जिसके चलते मजदूर सस्ती कच्ची की तरफ रुख कर देते हैं। यदि निष्पक्ष जांच किया जाए तो पुलिस के साथ-साथ आबकारी विभाग की संलिप्तता उजागर हो जाएगी।

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