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नईम एंड संस छापा: मात्र 12 वर्षों में कैसे बना नईम परिवार मामूली किरायेदार से करोड़ों का मालिक

गोरखपुर: शनिवार को महानगर में मोबाइल कारोबारी नईम एंड संस के प्रतिष्ठानों पर छापे के बाद हो रहे खुलासों से पूरा शहर स्तब्ध है। लोगों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कैसे एक मामूली किराये की दुकान से अपना सफर शुरू करने वाला नईम परिवार आज करोड़ों का मालिक बन गया। आपको बता दें कि महानगर के तिवारीपुर स्थित सूर्य विहार कॉलोनी निवासी नईम ने सबसे पहले किराये पर रेती रोड पर रेडियो और उसके पार्ट्स की दुकान खोली थी। वो दुकान तो कुछ दिन बाद बंद हो गयी लेकिन काले धंधों से सने इनका कारोबार दिन दूना, रात चौगुना फलता-फूलता रहा।

वर्ष 2005: इसी साल नईम ने रेती रोड स्थित आनंद काम्प्लेक्स में किराये पर कमरा लेकर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान खोल ली। नईम के चार बेटे हैं। बड़ा बीटा नसीम और छोटा बेटा अरशद उर्फ़ बॉबी उसके साथ कारोबार में हाथ बटाने लगे। दूसरे बेटे अशद ने दिल्ली में दुकान खोल ली। जबकि तीसरे नंबर का बेटा लखनऊ में कारोबार करता है। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलने वाला यह परिवार अचानक इतना अमीर हो गया कि आस-पास के लोग अचंभित हो गए।

गाँधी गली निवासी नसीम और अरशद ने 12 वर्ष पहले किराये पर कमरा लेकर दुकान चलनी शुरू की थी। देखते ही देखते वो करोड़ों की सम्पति के मालिक हो गए। रेती सुपर मार्किट में आधा दर्जन दुकान तो वहीँ शहर के हृदयस्थली गोलघर स्थित बलदेव प्लाजा में 3 दुकानों की रजिस्ट्री करा ली।

कारोबार कैसे चमका

नईम परिवार ने रेडियो बंद कर दी। नईम के दो बेटे नसीम और अरशद ने बलदेव प्लाजा में किराये की दुकान लेकर कारोबार करने लगे। कुछ ही साल में इस परिवार ने बलदेव प्लाजा में तीन दुकाने खरीद ली। अरशद ने बलदेव प्लाजा के दुकानों की जिम्मेदारी संभाल ली तो नसीम ने रेती की सुपर मार्किट में 6 दुकानें खरीद उनकी जिम्मेदारी संभाल ली। इसी बीच जब अरशद ने गोलघर गणेश चौराहे पर जब 2.5 करोड़ का एक मकान ख़रीदा तो लोग अचंभित हो गए। यहीं से लोगों का इस परिवार पर संदेह होने लगा की आखिर कैसे इतनी जल्दी इन्होने इतना पैसा कमा लिया। स्थानीय स्तर पर दबी जुबान में यह चर्चा होने लगी की हो न हो इनका सम्बन्ध काले कारोबार से है।

एटीएस के छापे से चीजे हुईं साफ़

शनिवार को महानगर के ह्रदय स्थल बलदेव प्लाजा सहित तीन जगहों पर स्थित मोबाइल कारोबारी नईम एंड संस के प्रतिष्ठानों पर छापा पहले तो एक सामान्य कार्यवाही लग रही थी। लेकिन धीरे-धीरे जब मामला आगे बढ़ा तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। मामला टेरर फंडिंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। बीते कई दिनों से आतंकी संगठनों को मुहैया कराए जा रहे फंडिंग के मामले में ही यूपी एटीएस ने शनिवार देर शाम गोरखपुर के तीन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर दो लोगों को हिरासत में लिया।

गोरखपुर शहर में लखनऊ से आई एटीएस की टीम ने शनिवार देर शाम टेरर फंडिंग के आरोप में मोबाइल फोन के थोक कारोबार से जुड़ी फर्म नईम एंड संस के तीन प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी कर 50 लाख रुपये से अधिक रकम की बरामदगी किया है। इस टीम ने तीनों प्रतिष्ठानों से लैपटाप, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और कई दस्तावेज कब्जे में ले लिये हैं। फर्म के मालिक नईम अहमद के दो पुत्रों नसीम और बाबी हिरासत में ले लिए गए हैं। उनसे पूछताछ के बाद खोराबार और शाहपुर क्षेत्र से तीन अन्य लोग हिरासत में लिए गए हैं। इन सभी से कड़ी सुरक्षा वाली जगह में पूछताछ हो रही है।

कैंट क्षेत्र के रहने वाले नईम एंड संस के मालिक का कोतवाली क्षेत्र में आनंद कटरा और सुपर मार्केट तथा गोलघर स्थित बलदेव प्लाजा में तीन दुकानें हैं। कारोबारी भाइयों को हिरासत में लेने के बाद एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ फर्म के तीनों प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान आनंद कटरा स्थित दुकान से नकदी बरामद की गई। छापे की कार्रवाई के दौरान बलदेव प्लाजा स्थित दुकान से बाबी तथा सुपर मार्केट से नसीम को हिरासत में लिया गया।

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