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VIDEO: मोदी-योगी के सपने को सच करता पूर्वोत्तर रेलवे

गोरखपुर: रेलवे सच कर रहा पीएम मोदी और सीएम योगी का सपना। हर वर्ष बचा रहा है करोड़ों रूपये, रेलवे हुआ सोलर पैनल पर डिपेंड। जी हां मोदी योगी के सपने को सच करता एनई रेलवे। ऊर्जा बचाने के लिए मोदी और योगी सरकार लगातर प्रयास कर रही है और अभियान चला कर लोगो को जागरूक करने का काम कर रही है। योगी मोदी के इस अभियान पर आम जनता पर कुछ फर्क पड़े या न,सरकारी विभागों में इसका आसर पड़े या न पड़े।लेकिन रेलवे विभाग ने इसे अमली जामा पहना शुरू कर दिया है और पुउरे (एन ई रेलवे)को सोलर पेनल पर आधारित कर दिया है। एक वर्ष में करोड़ों रूपये बचा कर एक मिशाल बन गई है।

इन दिनों सीएम के गृह जनपद गोरखपुर में पूर्वात्तर रेलवे खुद के लिए तो बिजली पैदा कर ही रहा है जल्द ही दुसरो के घरों को भी रौशन करेगा। भारतीय रेलवे वैकल्पिक ऊर्जा श्रोत का इस्तेमाल करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।इसके लिए पूर्वात्तर रेलवे (एनईआर) सोलर प्लांट के साथ ही एलईडी लाइट्स के जरिये करोड़ों रूपये की बचत करने का खाका तैयार कर चुका है। इस वित्तीय वर्ष से ही पूर्वात्तर रेलवे 33.7 लाख यूनिट बिजली की बचत करेगा, वही सोलर प्लांट के जरिये आने वाले समय में खुद के लिए बिजली पैदा करने के साथ दुसरो को भी बिजली मुहैया कराएगा ,इस एक साल में रेलवे ने तकरीबन 2.59 करोंड से ज्यादा की बचत कर चुका है।

एन ई रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि 389 स्टेशनों पर सौ प्रतिशत एलईडी लाइट्स लगा दी गई है, इससे करीब 33.7 लाख यूनिट बिजली की पूर्वात्तर रेलवे बचत करेगा, इससे रेलवे को सालाना करीब 2.59 करोंड रुपये से ज्यादा की बचत होगी। साथ ही इससे कार्बन का उत्सर्जन भी कम होगा। संजय यादव की माने तो केवल एलईडी लाइट्स लगने से एक वर्ष में 28.7 लाख किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होगा, यह रेलवे की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी क्योकि आज दुनिया में कार्बन के अधिक उत्सर्जन से लोग परेशान है, लेकिन एनईआर रेलवे अकेले ही इतने बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाया है।

इतना ही नहीं रेलवे ने मोदी और योगी के अभियान और सपने से प्रभावित होकर एनईआर खुद के लिए बिजली बनाने की तैयारी में जुट गई है। एनईआर बड़े स्टेशनों के छतो पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर पैनल का प्लांट लगाएगी।जिससे पैदा होने वाली बिजली स्टेशनों पर काम आएगी।साथ ही ग्रिड में कनेक्ट होने पर बिजली कम्पनी अतिरिक्त बिजली का इस्तेमाल उसे कही और सप्लाई करेगी, इसके बदले रेलवे को राजस्व का भी लाभ होगा।

निश्चित रूप से रेलवे ऊर्जा संरक्ष्ण को लेकर जितनी सोच रख रही है और मोदी व योगी के सपने को साकार करने के लिए रेलवे को एक ऐसे प्लेटफार्म पर ला रही है, जिससे भविष्य में रेलवे को बिजली के लिए सोचना नहीं पडेगा। खुद के लिए भी बिजली बनाएगी, और दुसरो को भी करेगी रौशन, निश्चित रूप से इस खबर के बाद बाकी अन्य विभाग भी इतने गंम्भीर हो जाये तो आने वाले समय में लोगो को बिजली की किल्लत से निजात मिल जाएगा।

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