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उम्रकैद से मुक्त होगी पंडित बिस्मिल की शहीद स्थली

अरविन्द श्रीवास्तव
गोरखपुर: अमर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की शहीद स्थली को जल्द ही उम्र कैद से मुक्ति मिल जाएगी। आमजन के दर्शनार्थ खोलने एवं सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव को शासन को भेज दिया गया। इस प्रस्ताव पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक महराजगंज एवं प्रभारी डीआईजी मंडलीय कारागार अरविंद सिंह ने लगाई।

प्रभारी डीआईजी जेल अरविंद सिंह को कारागार पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी, जेलर प्रेम कुमार शुक्ला और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला एवं खेल महोत्सव आयोजन के संस्थापक संस्थाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी के साथ उक्त विषय पर विचारोपरांत अपनी अंतिम मोहर लगा दी। प्रभारी डीआईजी ने बताया कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का शहीद स्थल, शहीद स्मारक, शहीद उद्यान और बिस्मिल कोठरी को आमजन के लिए खोला जाएगा। इसके लिए जेल की मुख्य दीवार पर एक ग्रिल गेट और शटर गेट लगाया जाएगा।

इंट्री के बाद आगे एल सेव में बिस्मिल कोठरी तक जाने का रास्ता बनेगा। यह रास्ता भी पूरी तरह से कवर होगा। इसके अलावा पंडित बिस्मिल के व्यक्तित्व, कृतित्व और गौरवगाथा के प्रचार-प्रसार के लिए दीवारों पर अंकन कराया जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले के माध्यम से भी शहीद के बारे में आमजन जानकारी ले सकेंगे।

सुरक्षा के लिए गेट पर ही आमने सामने कवर के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसका कंटोल वरिष्ठ जेल अधीक्षक के चैंम्बर में होगा। इसके अलावा भी सौंदर्यीकरण के लिए लाइटें और अन्य चीजें यहां लगाई जाएंगी।

नौ माह पूर्व कैद कर दी गयी थी शहीद स्थली

तकरीबन नौ माह पूर्व पंडित राम प्रसाद बिस्मिल शहीद स्थली पर लगे गेट को बंद कराकर वहां सीमेंटेड दीवार चलवा दी गई है। समाजसेवी संगठनों और आमजन ने इसे खोलने की जिला प्रशासन से गुहार लगवाई। एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने मौके पर जाकर जांच की और अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी। जिसके बाद से इस काम में तेजी आ गई। बतादें कि काकोरी कांड के नायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को ब्रिताइनिया सरकार ने 19 दिसंबर, 1927 को गोरखपुर जेल में फांसी के फंदे पर लटका दिया था।
आमजन के दर्शनार्थ खोलने एवं सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव को शासन को भेजा है।

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