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मां की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार, 10 अक्टूबर से शुरु होगा शारदीय नवरात्रि

गणेश पाण्डेय ‘राज’
गोरखपुर: 10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। इसी क्रम में मूर्ति स्थापना करने वाले जगह-जगह पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। वहीँ मूर्तिकार भी माता की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लग गए हैं। मूर्तियों की खूबसूरती और साज सज्जा सहज रूप से अपनी ओर लोगों को आकर्षित कर रही हैं।

जनपद क्षेत्र में गांव-गांव में माता रानी का पंडाल तैयार हो गया है। शहर के मुख्य चौराहों, सड़कों आदि जगहों पर भी मातारानी का भव्य पंडाल सजाया जा रहा है। पंडालों के लिए मूर्तियों का आर्डर पहले ही दे दिया गया है। नवरात्र की पूरी तैयारी लगभग हो चुकी है।

गुलरिहा बाजार स्थित नहर पर विनोद मूर्तिकार इस वक़्त अपने सहयोगियों के साथ माता रानी के संग अन्य मिट्टी की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में लगे है। इस बार इनके यहाँ 180 मूर्तियों की बुकिंग हुई है। महानगर सहित महराजगंज, कुशीनगर, सन्तकबीर नगर और देवरिया जनपद के साथ-साथ बिहार के लोगों ने भी मूर्ति बनाने का आर्डर दिया है।

विनोद बताते हैं कि इस बार मूर्तियों की मांग प्रत्येक वर्ष से कुछ ज्यादा है। हम लोग मार्च से ही मूर्तियों को बना रहे हैं जो अब जा कर अंतिम रूप में पहुंची है। 20 लोगों की टीम दिन रात काम कर रही है। एक सवाल के जबाब में विनोद बताते हैं कि उन्होंने 3 हजार से लेकर 80 हजार तक की मूर्तियां इस बार बनाई गई है। इन मूर्तियों की डिलीवरी के बाद पुनः दीपाली में बनने वाली मां लक्ष्मी की मूर्तियों पर काम शुरू करेंगे।

विनोद ने मूर्ति बनाने की नही ली है कोई तालीम

राज्य सरकार से सम्मानित विनोद मूर्तिकार इस धंधे में बचपन से जुड़े हैं। इस व्यवसाय को उन्होंने खुद शुरू किया। इनसे पहले इनके माता पिता किसानी का काम करते थे। विनोद बचपन में खेलने के लिए मूर्तियां बनाया करते थे। धीरे-धीरे इनके मूर्ति बनाने का हुनर बढ़ता गया और एक से बढ़ कर एक मूर्तियों को आकर देने लगे। इनकी बनाई गयी मूर्तियों की खूबसूरती ऐसी है कि मानो अभी बोल उठेंगे। 6 भाई बहनों में सबसे बड़े विनोद कभी भी मूर्ति बनाने की कला नही सीखे। इस व्यवसाय से जुड़े उन्हें 35 वर्ष से ज्यादा हो गया है। इस कार्य में भाईयों संग स्थानीय लोग भी शामिल हैं। जो अपनी कड़ी मेहनत से मूर्तियां बना कर अपने परिवार का भरणपोषण कर रहे हैं।

 10 अक्टूबर से होगी शारदीय नवरात्रि की पूजा

10 अक्टूबर दिन बुधवार से शारदीय नवरात्रि 2018 का शुभारंभ होने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाली इस पूजा में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों आराधना की जाती है। नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से जातक को हर मुश्किल से छुटकारा मिल जाता है। जिन घरों में नवरात्रि पर घट-स्थापना होती है उनके लिए शुभ मुहूर्त 10 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 18 मिनट से लेकर 10 बजकर 11 मिनट तक का है। इस दौरान घट स्थापना करना अच्छा होता है।

वैसे नवरात्र के प्रारंभ से ही अच्छा वक्त शुरू हो जाता है इसलिए अगर जातक शुभ मुहूर्त में घट स्थापना नहीं कर पाता है तो वो पूरे दिन किसी भी वक्त कलश स्थापित कर सकता है क्योंकि मां दुर्गा कभी भी अपने भक्तों का बुरा नहीं करती हैं। पंडालों में सप्तमी तिथि को सुबह से देर शाम तक माता रानी के पट खुलने का शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है।

माता रानी के नौव रूपों की होती है पूजा

10 अक्टूबर (बुधवार) 2018 : घट स्थापना व मां शैलपुत्री पूजा, मां ब्रह्मचारिणी पूजा (प्रथमा एंव द्वितिया)
11 अक्टूबर (गुरूवार ) 2018 : मां चंद्रघंटाकी पूजा
12 अक्टूबर (शुक्रवार ) 2018 : मां कुष्मांडा पूजन दिवस
13 अक्टूबर (शनिवार) 2018 : मां स्कंदमाता पूजन दिवस
14 अक्टूबर (रविवार ) 2018 : सरस्वती आहावन
15 अक्टूबर (सोमवार) 2018 : मां कात्यायनी पूजा
16 अक्टूबर (मंगलवार ) 2018 : मां कालरात्रि पूजन दिवस
17 अक्टूबर (बुधवार) 2018 : मां महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी, महानवमी
18 अक्टूबर ( गुरूवार ) 2018 : नवरात्री पारण
19 अक्टूबर(शुक्रवार ) 2018 : दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी दशहरा

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