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बलदेव प्लाजा में नईम एंड संस छापा: खुल रहें हैं आतंकी कनेक्शन के नए तार, टेरर फंडिंग का है मामला

गोरखपुर: शनिवार को महानगर के ह्रदय स्थल बलदेव प्लाजा सहित तीन जगहों पर स्थित मोबाइल कारोबारी नईम एंड संस के प्रतिष्ठानों पर छापा पहले तो एक सामान्य कार्यवाही लग रही थी। लेकिन धीरे-धीरे जब मामला आगे बढ़ा तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। मामला टेरर फंडिंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। बीते कई दिनों से आतंकी संगठनों को मुहैया कराए जा रहे फंडिंग के मामले में ही यूपी एटीएस ने शनिवार देर शाम गोरखपुर के तीन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर दो लोगों को हिरासत में लिया।

इस मामले में विस्तृत कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश एटीएस ने गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़, लखनऊ के अलावा मध्यप्रदेश के रीवा और बिहार के गोपालगंज से कुल 10 मददगारों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां सम्भव हैं। एटीएस ने इन आरोपियों के पास से कुल 42 लाख रुपए नकद और फर्ज़ी दस्तावेज आदि बरामद किए हैं।

गोरखपुर शहर में लखनऊ से आई एटीएस की टीम ने शनिवार देर शाम टेरर फंडिंग के आरोप में मोबाइल फोन के थोक कारोबार से जुड़ी फर्म नईम एंड संस के तीन प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी कर 50 लाख रुपये से अधिक रकम की बरामदगी किया है। इस टीम ने तीनों प्रतिष्ठानों से लैपटाप, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और कई दस्तावेज कब्जे में ले लिये हैं। फर्म के मालिक नईम अहमद के दो पुत्रों नसीम और बाबी हिरासत में ले लिए गए हैं। उनसे पूछताछ के बाद खोराबार और शाहपुर क्षेत्र से तीन अन्य लोग हिरासत में लिए गए हैं। इन सभी से कड़ी सुरक्षा वाली जगह में पूछताछ हो रही है।

कैंट क्षेत्र के रहने वाले नईम एंड संस के मालिक का कोतवाली क्षेत्र में आनंद कटरा और सुपर मार्केट तथा गोलघर स्थित बलदेव प्लाजा में तीन दुकानें हैं। कारोबारी भाइयों को हिरासत में लेने के बाद एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ फर्म के तीनों प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान आनंद कटरा स्थित दुकान से नकदी बरामद की गई। छापे की कार्रवाई के दौरान बलदेव प्लाजा स्थित दुकान से बाबी तथा सुपर मार्केट से नसीम को हिरासत में लिया गया।

तीनों प्रतिष्ठानों के कर्मचारी भी हिरासत में लिए गए थे लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। तीनों दुकान की तलाशी में मिले लैपटाप, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव व दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस की टीम ने फर्म की तीनों दुकानों में करीब एक घंटे तक गहन छानबीन करने के बाद सील कर दिया है।

स्थानीय पुलिस अधिकारी मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने की बात कहकर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया है। इस संबंध में पूछे जाने पर एटीएस के आईजी असीम अरुण ने गोरखपुर में छापेमारी और कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर छापेमारी की गई है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ चल रही है। रविवार तक स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

एटीएस के आईजी असीम अरुण ने आज लखनऊ में बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने दो गोरखपुर के नईम अरशद और नसीम अहमद हैं।वहीं दो प्रतापगढ़ के नीरज मिश्रा और संजय सरोज, एक लखनऊ का साहिल मसीह, कुशीनगर, पड़रौना का निखिल राय, आजम गढ़ का अंकुर राय और मध्यप्रदेश के रीवा का उमा प्रताप सिंह व बिहार के गोपालगंज का मुकेश प्रसाद शामिल है।उन्होंने बताया कि इसमें निखिल राय का असली नाम मुशर्रफ अंसारी है। लेकिन इसके सभी साथी इसे निखिल के नाम से ही जानते थे।उन्होंने बताया कि गोरखपुर शहर के मोबाइल कारोबारी नईम एंड संस के तीन प्रतिष्ठानों पर एटीएस की छापेमारी की गई। इस दौरान मोबाइल कारोबारी के दो बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी।साथ ही छापेमारी के दौरान मौके से नगदी, कंप्यूटर, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क कब्जे में लिया गया है।इसके साथ ही एटीएस ने छापेमारी के बाद मोबाइल कारोबारी की तीनों दुकान को सील किया है। कैंट थाना के बलदेव प्लाजा, सुपर मार्केट और आनंद कटरा में स्थित मोबाइल की दुकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई है।

एटीएस असीम अरुण के मुताबिक निखिल राय के निर्देश पर खातों में राशि ट्रांसफर की जाती थी।इसमें इन एजेंटों को कुछ प्रतिशत का कमीशन मिलता था।पता चला कि ये सिमबॉक्स के अवैध नेटवर्क द्वारा पाकिस्तान में अपने आकाओं से संपर्क करते थे।उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए ये सभी आतंकियों से संपर्क में थे, ये कहना उचित नहीं होगा। इनमें से कुछ को पता था कि ये आतंकी फंडिंग, हालांकि कुछ इसे केवल लाटरी फ्रॉड मानकर चल रहे थे।इनके पास से कुल 42 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही फर्जी खातों से संबंधित दस्तावेज आदि बरामद हुए हैं।अभी तक इस ग्रुप के तार पाकिस्तान,नेपाल के साथ मस्कट में मिले हैं।उन्होंने कहा कि जिन खातों से लेनदेन हुई है, उन संदिग्ध व्यक्तियों के खातों की जांच की जा रही है।

बता दें पिछले साल एटीएस ने आईएसआई के लिए काम करने के आरोप में मध्यप्रदेश में बलराम को गिरफ्तार किया था।वह मध्य प्रदेश के सोहास थाना कोटर जिला सतना का रहने वाला है तथा वहीं टेरर फंडिंग का मास्टर माइंड बताया जाता है।बाद में जांच के दौरान पता चला कि उसने और रज्जन नाम के शख्स ने सतना और रीवा के 28 बैंक खातों से आतंकी गतिविधियों में संलिप्त आतंकवादियों को 15 करोड़ से ज्यादा की राशि पहुंचाई थी।

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