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सीएम सिटी का रोड मैप तैयार, सिटी बस और मिनी मेट्रो से बेहतर होगा यातायात

सीएम सिटी का रोड मैप तैयार

गोरखपुर: सीएम सिटी के आधुनिक स्वरूप का रोड मैप तैयार हो चुका है। शहर में बेहतर यातायात सुविधा के लिए पहले सिटी बस और फिर मिनी मेट्रो की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।इसके लिए शहर की सड़कों को चौड़ा किया जाएगा।

गौरतलब है कि सीएम सिटी गोरखपुर को सजा-संवार कर विश्व पटल पर लाने की प्रशासनिक तैयारी जोरों पर चल रही है।इस सम्बंध में अपने पिछले दौरे पर महानगर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में मेयर और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष शहर के विकास का रोडमैप रखा और कहा कि पहले सिटी बसें चलाई जाएंगी, फिर मिनी मेट्रो दौड़ेगी।

इसकी विस्तृत कार्ययोजना बना ली गई है। इसके लिए शहर की सड़कें चौड़ी की जाएंगी। अलग-अलग जगहों पर पांच से 10 फीट तक सड़कें चौड़ी की जानी हैं। इसके लिए शहर के प्रमुख बाजारों से बिजली के पोल हटाए जाएंगे। अंडरग्राउंड केबलिंग का काम होगा। जिसके लिए बजट जारी किए जा रहे हैं। गोलघर में बिजली के केबल डाले जा रहे हैं। पोल हटने से सड़कों को चौड़ा करने में आसानी होगी। यातायात व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। काफी हद तक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।

साथ ही साथ शहर के सभी इंट्री प्वाइंट को आकर्षक बनाए जाएंगे।इस क्रम में लखनऊ से गोरखपुर, महाराजगंज से गोरखपुर, देवरिया से गोरखपुर आने वालों को शहर साफ-सुथरा दिखेंगी। इंट्री प्वाइंट भी साफ सुथरा दिखेगा,अगर इन जगहों पर कूड़ा मिला तो सम्बन्धित जिम्मेदार पर कार्रवाई तय होगी। इस व्यवस्था को सुनिश्चित कराने में मेयर और पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

गोरखपुर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल करने को लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण के मानक पर खरे उतरते हुए शहर को कूड़ामुक्त बनाने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जाएगा। नगर निगम को गाड़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में शहर जाममुक्त कराने के लिए छह मल्टी लेवल पार्किंग बनाया जाएगा।इनमे से एक मल्टीलेवल पार्किंग नगर निगम परिसर में बनाई जानी है। गोलघर सहित शहर के चार अन्य व्यस्त बाजारों में भी मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। इस पर काम चल रहा है।

गोलघर में पार्किंग का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। अभी तक वाहन मुख्य बाजार की सड़कों पर खड़े किए जाते हैं। जबकि शहर की सबसे बड़ी समस्या जलभराव है। इससे निजात दिलाने के लिए बजट आवंटित किया गया है। जल्द ही नाला, नालियों का निर्माण शुरू होगा। पानी नाली से बाहर न आए,इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।

इसके अतिरिक्त शहर की सबसे बड़ी समस्या छुट्टा पशुओं को लेकर है।जिसे देखते हुए पशुपालक अपने पशुओं को छुट्टा न छोड़ें, के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। जो छुट्टा पशु बचेंगे, उन्हें महाराजगंज के पशुबाड़ा में शिफ्ट किया जाएगा।

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