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संस्कृति और सभ्यता को बचाने हेतु गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुरू हुआ साहित्य समागम

गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुरू हुआ साहित्य समागम

गोरखपुर: गुरु गोरक्षनाथ की धरती पर शनिवार को गोरखपुर  विश्वविद्यालय के संवाद भवन में हर्षवर्धन फाउंडेशन के तत्वाधान में दो दिवसीय गोरखपुर साहित्य समागम  आरम्भ हुआ। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, प्रो रामदेव शुक्ल, प्रो चितरंजन मिश्र, एमडी एस्प्रा अतुल सर्राफ तथा फाउंडेशन के अध्यक्ष आनंद वर्धन सिंह ने दीप प्रज्वलन कर समागम का उद्घाटन किया।

सरस्वती वन्दना व राष्ट्रगान के बाद फाउंडेशन के अध्यक्ष आनन्द वर्धन सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए गोरखपुर साहित्य समागम के उद्देश्य को बतातें हुए कहा कि अभी तक देश में जितने भी साहित्य समागम हो रहे हैं,उनमें अंग्रेजी का बोलबाला रहता है। जिसके कारण आमजन तक ऐसे समागम पहुंच नहीं बना पा रहे हैं। साहित्य और सामाजिक सरोकारों को आमजन से जोड़ने के उद्देश्य से गोरखपुर साहित्य समागम का आयोजन किया जा रहा है।

Sahitya Samagam Begins in DDU University Gorakhpur

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पूर्व सांसद व वरिष्ठ राजनेता स्वर्गीय हर्षवर्धन की स्मृति में हर्षवर्धन फाउण्डेशन की स्थापना की गई है और यह संस्था पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ साथ पूरे प्रदेश में जनसेवा, क्षमतावर्धन, जन-जागरण, नि:शक्तों को विधिक परामर्श तथा सहयोग देने के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

गोरखपुर विश्वविद्याल साहित्य समागम के प्रथम सत्र में सार्क भाषा के रूप में नेपाली भाषा पर परिचर्चा की गई।  संस्कृत से उद्भूत नेपाली व हिन्दी भाषा का समृद्ध सम्बंध दोनों देशों के लिए अनुग्राही नामक इस सत्र का संचालन आनंद वर्धन सिंह ने किया तथा प्रो० रामदेव शुक्ल, डॉ. चितरंजन मिश्रा,डॉ मनप्रसाद सुब्बा, योगाचार्य जी एन सरस्वती तथा वीना सिन्हा ने नेपाली और हिन्दी भाषा के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए परिचर्चा की।

द्वितीय सत्र में साहित्य समागमों को व्यापक व उपयोगी बनाने के उपायों पर साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, मशहूर लेखक व राजनीति विश्लेषक शान्तनु गुप्ता तथा अनुराधा गोयल ने परिचर्चा की और संचालन ए के सिंह ने किया।

तृतीय सत्र में हिन्दी भाषी क्षेत्र में अंग्रेजी साहित्य को लेकर परिचर्चा का संचालन कमलेश त्रिपाठी ने किया। इस सत्र में डॉ मनप्रसाद सुब्बा, डॉ हुमा सब्ज़पोश, डॉ नंदिता सिंह ने गहन विचार-विमर्श किया।

चतुर्थ सत्र में फिल्मी गानों से लोक संगीत ने क्या खोया क्या पाया ? आधुनिक संगीत ( रैप व पॉप) का साहित्य से सम्बंध पर चर्चा की गई। डॉ करुणा पाण्डेय, रविन्द्र श्रीवास्तव उर्फ़ जुगानी भाई, महेन्द्र नाथ श्रीवास्तव तथा सारेगामापा फेम मशहूर निर्माता-निर्देशक गजेन्द्र सिंह ने वर्तमान लोक संगीत के स्वरूप तथा आधुनिक संगीत का साहित्य पर प्रभाव विषय पर परिचर्चा की और इस सत्र का संचालन महेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने किया।

Sahitya Samagam Begins in DDU University Gorakhpur

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पांचवें सत्र में भाषा में हिंग्लिश तथा टेलीग्रैफिक शब्दों का प्रवेश, सोशल मीडिया का साहित्य पर प्रभाव विषय की चर्चा में हिन्दी साहित्यकार डॉ विद्या बिन्दु सिंह, मशहूर पत्रकार राहुल देव व मशहूर अभिनेता राजा बुंदेला ने भाग लिया और संचालन प्रसिद्ध नौजवान पत्रकार यशवन्त सिंह ने किया।

विशाल और अदभुत साहित्य समागम में पुस्तक विमोचन के लिए अलग से चौपाल सजाई गई। जहाँ पहले दिन पांच किताबों का विमोचन हुआ। यूनिवर्सिटी के संवाद भवन में सजे पण्डालों को देखने और पहली बार हो रहे इस तरह के आयोजन का हिस्सा बनने के लिए सैकड़ों की संख्या में जिज्ञासुजन उमड़ रहे।श्रोताओं ने समागम के पहले दिन जम कर वक्ताओं से सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। इस दौरान पूरे दिन विश्वविद्यालय तथा कालेज के छात्र-छात्राओं ने ना केवल विभिन्न सत्रों का रसास्वादन किया बल्कि पुस्तक विमोचन के लिए सजी चौपाल पर देशभक्ति के गीत गा कर माहौल को स्फूर्तित कर दिया।

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हर्षवर्धन फाउंडेशन के अध्यक्ष आनन्द वर्धन सिंह ने बताया कि रविवार को गोरखपुर साहित्य समागम के दूसरे दिन पहले सत्र में आधुनिक भारत के निर्माण में बंगाल के साहित्यकारों व समाज सुधारकों के योगदान की आज के परिपेक्ष्य में प्रासंगिकता, दूसरे सत्र में  गीता प्रेस: हिन्दी साहित्य बनाम हिन्दू साहित्य, सुलभ हिन्दी साहित्य में गीता प्रेस का योगदान, तीसरे सत्र में भाषा में सेना से प्रेरणा लेता व सेना को बल देता साहित्य, चौथे सत्र में  कवि सम्मेलन/ मुशायरों का वर्तमान स्वरूप, हिन्दी और उर्दू: एक सिक्के के दो पहलू और पांचवे व अंतिम सत्र में  छात्रसंघ की गैरमौजूदगी से समाज और साहित्य पर प्रभाव विषयों पर देश के जाने-माने  वक्ता जनचर्चा करेंगे। रविवार को मुख्य वक्ताओं के रूप में परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र यादव, डॉ रामकुमार मुखोपाध्याय, सदानंद गुप्त, नवाब मीर जाफर अब्दुल्ला, राजा बुंदेला, कनक रेखा चौहान, मनीष शुक्ल आदि भाग लेंगे।

DDU University Gorakhpur

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केन्द्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला द्वारा समापन के बाद कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन सांय साढ़े पांच बजे से किया जा रहा है।जिसमें देश के नाम चीन कवि कुँवर बेचैन, कलीम कैसर, सरिता शर्मा, शाइस्ता सना, मनीष शुक्ला, राधा कृष्ण पथिक आदि भाग लेंगे।जिसका संचालन मशहूर कवि शिव ओम अम्बर करेंगे।

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