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जमीन की दलाली के पैसे के बंटवारे में हुई मोहद्दीपुर निवासी सन्तोष साहनी की हत्या, एक गिरफ्तार

गोरखपुर: प्रॉपर्टी डीलिंग में होने वाले दलाली के पैसे में बंटवारे को लेकर संतोष साहनी की हत्या हुई थी। उसकी हत्या कोई और नही बल्कि उसके साझीदार ही किये।पुलिस ने आज उक्त हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक अभियुक्त की गिरफ्तारी का दावा किया है,अन्य की तलाश जारी है।

आज पुलिस लाइन्स में खुलासा करते हुए एसएस पी शलभ माथुर ने बताया कि गत 8 अप्रैल को मोहद्दीपुर निवासी सन्तोष साहनी की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में घटना के खुलासे के लिए एसओ शाहपुर व स्वाट टीम को लगाया गया था।जिसमे पुलिस की तलाश चल रही थी कि जरिये मुखबिर सूचना मिलने पर अभियुक्त टिंकू पासवान उर्फ राधाकृष्ण पासवान पुत्र सतीश चंद्र निवासी मोहद्दीपुर को धर्मशाला चौराहे से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वह तथा मानवेन्द्र सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी सोपाई घाट थाना बेलघाट हाल मुकाम अयोध्या प्रसाद अपार्टमेंट मोहद्दीपुर, कैंट व संजय निषाद उर्फ संजय साहनी पुत्र रामनरेश निवासी महुआरी टोला,मोहद्दीपुर मिलकर जमीन खरीदवाने-बेचवाने का काम कमीशन पर करते हैं। मृतक सन्तोष साहनी भी यही काम करता था।

जंगल तुलसी राम बिछिया में हनुमान मंदिर के पास एक जमीन का इकरारनामा अमरनाथ गुप्ता ने अपने साथी बिट्टू के नाम राम सांवर से करा लिया था।जिस पर विजय कुमार निवासी मोहद्दीपुर से मुकदमा चल रहा था। दोनों में समझौता करा कर मुकदमा खत्म कराने के लिए यह सभी प्रयासरत थे। गिरफ्तार अभियुक्त और उसका साथी विजय की तरफ से थे। समझौता होने के बाद कमीशन तय हुआ था। इसी मुकदमे में संतोष साहनी उर्फ छोटू भी मध्यस्थ था। वह भी इनसे कमीशन में से हिस्सा मांग रहे थे।

टिंकू पासवान ने बताया कि उसने सुनील से कहा था कि अभी कमीशन मिला नहीं है,मिलते ही आपको दे दिया जाएगा। 8 अप्रैल को रात में संतोषने फोन करके पैसे मांगने शुरू किए। टिंकू ने पैसे मिलने पर देने को कहा। टिंकू ने बताया कि संतोष फोन पर गाली देने लगा। इस बात को सुनकर मानवेंद्र सिंह ने टिंकू से फोन लेकर संतोष को बताया कि गाली मत दो। उसने मानवेंद्र सिंह को भी मां-बहन की गालियां दी।

इसे सुनकर मानवेंद्र को गुस्सा आ गया।उन्होंने पूछा कि संतोष तुम कहां हो,हम वहीं आ रहे हैं तो संतोष ने बताया कि हम नेहरू स्कूल के पास है ।लेकिन जब हम लोग वहां पहुंचे तो नहीं मिला तो मानवेंद्र ने कहा कि वह ऋषि तिवारी के घर होगा। हम लोग वहां पहुंचे।मानवेंद्र ने आवाज देकर ऋषि को बुलाया और कहा कि संतोष को घर में बिठाकर गाली दिलवा रहे हो।इतने में संतोष ऋषि के घर से बाहर निकलकर सामने आ गया और कहने लगा बताओ मेरा पैसा क्यों नहीं दे रहे हो, बेईमान हो।जिसे सुनते ही मानवेंद्र ने पिस्टल से दो गोली मार दी और हम लोग वहां से भाग गए ।

बता दें कि गिरफ्तार अभियुक्त टिंकू पासवान उर्फ़ राधा कृष्णा पासवान पुत्र सतीश चंद्र पर ₹15, 000 का पुरस्कार घोषित था।

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