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आधे शैक्षणिक दिवस में पढ़ाई कराकर इस वर्ष होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा

गोरखपुर शैक्षणिक दिवस में पढ़ाई कराकर इस वर्ष होगी यूपी बोर्ड की परीक्षा

गोरखपुर: प्रदेश के शैक्षणिक कैलेंडर के हिसाब से साल में 220 दिवस शिक्षण कार्य होने चाहिए, लेकिन इसकी जगह इस साल महज 110 दिन ही विद्यालयों में पढ़ाई हुई है। इसका कारण प्राकृतिक आपदा,रविवार और अन्य त्योहारों की 106 छुट्टियां व चुनाव में भी हुए अवकाश के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई है। इस हिसाब से माध्यमिक शिक्षा परिषद का इस साल परीक्षा के मामले में रिकॉर्ड टूटने जा रहा है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के 97 वर्षों के इतिहास में पहली बार सबसे कम शिक्षण दिवस वाला सत्र 2017-18 होगा ।परिषद आधे पढ़ाई करके ही सुबे में बोर्ड परीक्षा कराने जा रहा है ।यह जानकारी हैरत भरी भी है कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों ने महज 110 दिन ही स्कूलों में पढ़ाई की है, जबकि नियम 220 दिन का है।

बता दें कि वर्ष 2014 से ही माध्यमिक शिक्षा परिषद में माध्यमिक विद्यालयों का सत्रारम्भ अप्रैल माह से शुरू कर दिया है । मगर इस बार यह सत्रारम्भ डेढ़ माह की देरी से जुलाई माह में शुरू हुआ। इसमें भी शुरुआती 15 दिनों तक नामांकन कार्य चला । इसके बाद जैसे ही पढ़ाई शुरू होने को आई तो प्राकृतिक आपदा बाढ़ के चलते 15 दिनों तक विद्यालयों के बंद होने से शिक्षण कार्य बाधित रहा। इसमें महानगर के विद्यालय 10 दिनों तक और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय 15 दिनों तक बंद रहे।

इसके बाद विद्यालय खुले और पढ़ाई शुरु हुई ,तभी निकाय चुनाव, त्यौहार और प्रशासनिक अवकाश के कारण 35 दिन विद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो सकी। इसके अतिरिक्त इस वर्ष 31 दिन रविवारीय अवकाश होने के कारण भी विद्यालय बंद रहे।

इन सबसे जुदा बात करें तो बोर्ड परीक्षा के 15 दिन पहले ही छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अवकाश दे दिया जाता है, इसके मुताबिक विद्यालयों में शैक्षणिक दिवस में पूरी पढ़ाई नहीं हो सकी। इसी दौरान परिषद ने 30 दिसंबर से 13 जनवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षा और 6 फरवरी से बोर्ड परीक्षा के तिथि की घोषणा कर दी है।

अब तक के शैक्षणिक सत्रों पर नजर डालें तो वर्ष 1931 में माध्यमिक शिक्षा परिषद के गठन के बाद यह पहला मौका है ।जब छात्र छात्राओं को महज 110 दिनों की पढ़ाई के बाद ही बोर्ड परीक्षा देना होगा।

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