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मानबेला में अधिग्रहित जमीन पर कब्जा करने को आमने-सामने हुए किसान और जीडीए प्रशासन

भूमि  कब्जा पर जीडीए अफसर, पुलिस, मानबेला किसान आमने-सामने

गोरखपुर: जनपद के बहुचर्चित मानबेला गांव में लगभग 20 वर्ष पूर्व अधिग्रहित की गई भूमि पर आज कब्जा करने गए जीडीए के अफसर, पुलिस और मानबेला किसान आमने-सामने हो गए। जीडीए के अफसर मानबेला की जमीन पर कब्जा के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ गए थे,वहीं मानबेला किसानों ने मौके पर पुरजोर विरोध करते हुए चेतावनी दी कि जान दे देंगे पर जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे।

Manbela police

Manbela police

बता दें कि जीडीए ने राप्ती नगर विस्तार के आवंटियों को पत्र लिखकर जमीन पर कब्जा देने का वादा कर गुरूवार को बुलाया था।इस बाबत राप्तीनगर विस्तार के आवंटियों ने बुधवार को बैठक भी की। जीडीए के इस पत्र पर आश्वस्त लगभग कई सौ आवंटी गुरूवार को करीमनगर चौराहे पर पहुंचकर एक साथ मानबेला पहुंचें थे।जिनकी चिंता थी कि बगैर सड़क, नाली और पानी की व्यवस्था किये जीडीए कैसे आवंटियों को कब्जा देगा।

वहीं मानबेला के किसानों का नेतृत्व करने वाले कांग्रेस के नेता राणा राहुल सिंह ने कहा कि किसान आवंटियों को जमीन पर कब्जा देने के विरोधी नहीं है। जीडीए को ऐसी जमीन पर कब्जा देना चाहिए, जहां विवाद नहीं है।जीडीए आवंटियों को चंपा देवी पार्क की जमीन दे दे। श्री सिंह ने कहा कि हम प्रशासन से वार्ता को तैयार हैं। बिना किसानों की सहमति के जमीन पर कब्जा नहीं लेने देंगे।

जबकि किसानों का कहना है कि उन्हें न तो उनकी जमीन का सही मुआवजा ही मिल रहा है और न ही वह खेती ही कर पा रहे हैं। यही वजह है कि मुआवजे को लेकर कोर्ट से फैसला आने तक उन्होंने खेती करने का निर्णय किया है। इस दौरान राजन, दिलबहार यादव, संजय यादव, रामवृक्ष मौर्या, जवाहिर गुप्ता, चम्मन लाल निषाद, बिरबल निषाद, आशा, दुलारी देवी समेत कई किसान मौजूद रहे।

Manbela Kisan

Manbela Kisan

बताते चलें कि मानबेला की अधिगृहीत करीब दो सौ एकड़ जमीन पर ही जीडीए ने 2009 में राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना शुरू की थी।जिसमे करीब 950 को लोगों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इनमें से तीन सौ के करीब आवंटियों ने रजिस्ट्री भी करा ली है। इसी बीच मुआवजे की रकम कम होने का आरोप लगाते हुए किसानों का आंदोलन शुरू हो जाने से इन आवंटियों को अभी तक कब्जा नहीं मिल सका है।

हाई कोर्ट भी आवंटियों को कब्जा दिलाने का निर्देश दे चुका है। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर आवंटियों ने अवमानना याचिका दाखिल कर रखी है।राप्तीनगर आवासीय योजना के मामले में आवंटियों की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका में 23 को तय अगली सुनवाई की तिथि के मद्देनजर जहां जीडीए अफसर सक्रिय हो गए हैं वहीं मानबेला किसान सतर्क। प्राधिकरण, कोर्ट में जवाब देने की तैयारी में जुटा है तो किसानों ने अपनी जमीन की निगरानी बढ़ा दी है।

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