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सीएम योगी ने दिया स्वामी चिन्मयानन्द को गोरखपुर लोक सभा उप चुनाव लड़ने का न्योता!

 स्वामी चिन्मयानन्द को गोरखपुर लोक सभा उप चुनाव लड़ने का न्योता!

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा खाली की गयी गोरखपुर लोक सभा उपचुनाव के लिए गहमागहमी तेज हो गयी है। बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर संसदीय सीट के उपचुनाव में कभी गृह राज्य मंत्री का पद सुशोभित कर चुके स्वामी चिन्मयानंद पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद ही स्वामी चिन्मयानन्द को गोरखपुर लोक सभा उपचुनाव लड़ने का न्योता दिया है। हालांकि इस सीट के लिए पूर्व से ही क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेन्द्रदत्त शुक्ला, पूर्व महानगर अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह और बॉलीवुड और भोजपुरी स्टार रवि किशन शुक्ला का नाम भी चर्चाओं में हैं।

न्यूज़पोर्टल पत्रिका के अनुसार की खबर के अनुसार योगी ने चिन्मयानन्द को चुनाव लड़ने का न्योता दिया है लेकिन अभी पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने अभी इस सम्बन्ध में कोई फैसला नहीं लिया है। बता दें कि योगी इसी महीने की 24 तारीख को चिन्मयानन्द के गृहनगर शाहजहाँपुर जाने वाले हैं। योगी का शाहजहाँपुर दौरा स्वामी चिन्मयानन्द के बुलावे पर ही जा रहे हैं।

योगी ने न्योते पर स्वामी चिन्मयानन्द ने कहा है कि वो इस सम्बन्ध में बहुत सोच समझ कर कोई जबाव देंगे। गौरतलब है कि गोरखपुर संसदीय सीट से पांच बार शहर का प्रतिनिधित्व कर चुके गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ इन दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद सम्हाल रहे है और उनके संसदीय सीट छोड़ने के पश्चात अभी तक इस सीट पर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चाओं का बाजार रह रहकर गर्म हो रहा है।

गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके स्वामी चिन्मयानंद का गोरक्षपीठ से पुराना नाता रहा है और गोरक्षपीठ के हर कार्यक्रम में भी इनकी सहभागिता रहती है। साथ ही यह रामजन्म भूमि आंदोलन में भी अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं।

कभी फायर ब्रांड वक्ताओं में शामिल भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी, अशोक सिंघल और ब्रह्मलीन मंहत अवेद्यनाथ को स्वामी चिन्मयानन्द अपना राजनीतिक प्रेरणास्रोत मानते हैं। वर्तमान में स्वामी कई संस्थाओं के अध्यक्ष भी है। इनकी कई किताबें भी प्रकाशित हो चुकी है।स्वामी चिन्मयानंद इन दिनों सक्रीय राजनीति से दूर हैं।

3 मार्च 1947 को गोंडा के पचपेड़वा इलाके के गोगिया में जन्मे एमए, पीएचडी की शिक्षा प्राप्त स्वामी चिन्मयानंद कलहंस क्षत्रिय राजपरिवार से हैं। स्वामी चिन्मयानंद ने
हरिद्वार में 1974 में सन्यास की दीक्षा लिया।

इन्होंने अपनी कर्मभूमि मुमुक्षु आश्रम शाहजहांपुर को बनाया।वर्तमान में वह हरिद्वार के परमार्थ आश्रम में रहते है। दरअसल स्वामी विश्व हिन्दू परिषद से आते हैं। गंगा रक्षा समिति के अध्यक्ष और रामजन्म भूमि संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक भी रहे।

बोडो आंदोलनकारियों के आत्मसमर्पण कराने के लिए इन्हें विश्व शांति अवार्ड भी मिला।जिसे ग्लोबल स्टडीज यूएसए ने दिया था।स्वामी चिन्मयानन्द ने 1991 में भारतीय राजनीति में प्रवेश किया।

उन्होंने पहले ही लोकसभा चुनाव में दिग्गज नेता शरद यादव को 15 हजार से अधिक मतों से परास्त किया।1991 में बदायूं लोक सभा चुनाव में शरद यादव को चुनाव हराने के बाद शाहजहांपुर से लोकसभा चुनाव हार गए। लेकिन जौनपुर की 1998 मछलीशहर और 1999 में सदर से लगातार लोकसभा चुनाव जीते।

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