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आयोवा कॉकस में ट्रंप हारे, हिलेरी, सैंडर्स में कड़ी टक्कर

Hillary-Clinton-and-Sandersवाशिंगटन: अमेरिका में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के नामांकन के लिए रिपब्लिकन पार्टी कॉकस में अरबपति कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप को हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज ने मात दी है। जबकि, डेमोक्रेटिक पार्टी कॉकस में पूर्व विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन और स्वघोषित समाजवादी बर्नी सैंडर्स के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। हिलेरी को बेहद मामूली बढ़त हासिल है।
अमेरिका ही नहीं दुनिया भर की निगाहें आयोवा की तरफ यह जानने के लिए लगी हुई थीं कि अमेरिकी मतदाताओं का रुझान क्या कह रहा है। राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुने जाने के लिए यहां कॉकस पर सभी की निगाहें थीं। सभी सर्वेक्षण बता रहे थे कि विवादास्पद डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन दावेदारों में आगे चल रहे हैं। लेकिन, आयोवा के मतदाताओं ने ट्रंप के मुकाबले क्रूज को चुना। क्रूज को 28 फीसदी, ट्रंप को 24 फीसदी मत मिले।
फ्लोरिडा के सीनेटर और पार्टी नेतृत्व की पसंद मार्को रुबियो भले ही तीसरे स्थान पर रहे, लेकिन 23 फीसदी मत हासिल कर उन्होंने सभी को चौंका दिया।
ट्रंप अपने बयानों की वजह से मीडिया में छाए रहे, लेकिन आयोवा में वह इसे वोट में नहीं बदल सके। जबकि, क्रूज खामोशी से राज्य का दौरा करते रहे। कड़े परंपरावादी माने जाने वाले क्रूज ने ईसाई धर्म में अधिक आस्था रखने वाले मतदाताओं से संपर्क बनाए रखा। इस वजह से आयोवा में नतीजा उनके पक्ष में रहा। और, अब वह आने वाले दिनों में होने वाले प्राइमरी (प्रत्याशी के चुनाव की प्रक्रिया) में रिपब्लिकन पार्टी में मजबूत दावेदार बन कर उभरे हैं।
जीत के फौरन बाद टेड क्रूज ने ट्रंप और अपनी पार्टी के उस संभ्रांत वर्ग पर निशाना साधा, जो उन्हें बहुत सम्मान की निगाह से नहीं देखता। उन्होंने कहा, “आयोवा ने नोटिस दे दिया है कि रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी और अमेरिका के अगले राष्ट्रपति का चयन मीडिया नहीं करेगा, इनका चयन वाशिंगटन में बैठा सत्ता प्रतिष्ठान नहीं करेगा।”
ट्रंप ने हार के बाद संक्षिप्त लेकिन अच्छा भाषण दिया। उन्होंने कहा कि वह आयोवा से प्यार करते हैं और न्यू हैंपशायर में अगले हफ्ते होने वाले प्राइमरी को जीतने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम दूसरे नंबर पर रहे हैं और मैं कहना चाहूंगा कि मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।”
विश्लेषकों का कहना है कि रिपब्लिकन पार्टी का नेतृत्व, तीसरे स्थान पर आए रुबियो के प्रदर्शन से निश्चित ही खुश हुआ होगा। ‘बाहरी’ दावेदारों क्रूज और ट्रंप के मुकाबले वह रुबियो पर दांव लगाना अधिक बेहतर समझ रहा है।
बेहद खुश रुबियो ने कहा, “यह वह क्षण है, जिसके बारे में वे कह रहे थे कि यह कभी नहीं आएगा। महीनों से, वे हमें यही बताते आ रहे थे कि हमारा कोई चांस नहीं है।”
कॉकस में बुरी तरह मुंह की खाने के बाद डेमोक्रेट मार्टिन ओ मैले और रिपब्लिकन माइक हकाबी ने अपनी दावेदारी वापस लेते हुए चुनाव मैदान से हटने का ऐलान किया।
डेमोक्रेटिक पार्टी में हिलेरी क्लिंटन और बर्नी सैंडर्स के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। 95 फीसदी मतों की गिनती के बाद हिलेरी को 50.1 फीसदी और सैंडर्स को 49.4 फीसदी मत मिले हैं।
अपने भाषण में हिलेरी ने सीधे-सीधे जीत का ऐलान न करते हुए कहा कि वह सैंडर्स से बहस कर बहुत खुश हैं और कॉकस के बाद उन्होंने राहत की गहरी सांस ली है।
आयोवा की हार का मतलब यह नहीं है कि अब प्रत्याशी बनना नामुमकिन हो गया है। यहां की जीत दावेदार के अभियान को संबल देती है और हार एक नकारात्मक संदेश। लेकिन, यह स्थिति प्रत्याशी चयन के लिए आगे होने वाले प्राइमरी में बदल सकती है। मिसाल के लिए 2008 के आयोवा रिपब्लिकन कॉकस में हकाबी को जीत हासिल हुई थी, लेकिन अंतत: प्रत्याशी बने थे जान मैक्केन, जो आयोवा कॉकस में चौथे स्थान पर रहे थे।

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