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गुजरात में खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने खिंचाई की

Supreme-Courtनई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख अमित शाह के गृहराज्य गुजरात की सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि क्या वह भारत का हिस्सा नहीं है? या फिर भारत से अलग होना चाहती है।
खाद्य सुरक्षा कानून को लेकर गुजरात सरकार के इस रुख पर कि जब तक कुछ मुद्दों को सुलझाया नहीं जाता, तब तक वह इस कानून को लागू नहीं करेगी, पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शीर्ष अदालत के न्यायाधीश मदन बी. लोकुर और न्यायाधीश एन.वी. रमन्ना की पीठ ने कहा, “आप बताएं कि क्या आप भारत की संसद में या उसके द्वारा बनाए गए कानून में भरोसा रखते हैं या नहीं। अगर नहीं तो क्यों?”
अदालत ने पूछा कि क्या गुजरात ‘अनोखा’ राज्य है? राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून जब पूरे देश के लिए है तो गुजरात सरकार ने उसे क्यों नहीं लागू किया। अदालत ने गुजरात सरकार के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भारत की संसद क्या कर रही है? और सरकार क्या कर रही है?
खंडपीठ ने कहा कि अगर वह गुजरात सरकार के तर्को को स्वीकार कर लेती है तो झारखंड, मध्यप्रदेश, ओड़िशा और तेलंगाना जैसे राज्य भी कहेंगे कि वे इस कानून को लागू नहीं करेंगे, क्योंकि गुजरात ने इसे लागू नहीं किया है।
अदालत ने कहा कि कल को कोई और राज्य कह सकता है कि वे भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता, भारतीय दंड संहिता या साक्ष्य अधिनियम को लागू नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें इसके प्रावधानों से परेशानी है।
अदालत ने यह टिप्पणी एक गैरसरकारी संस्था स्वराज अभियान द्वारा सूखा प्रभावित राज्यों के लिए राहत की मांग करनेवाली जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की।

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