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देश की थोक महंगाई दर लगातार चौथे महीने बढ़ी

Image-for-Representation-1नई दिल्ली: दालों और प्याज की कीमत ऊपरी स्तर पर बने रहने की वजह से दिसंबर महीने में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर बढ़कर नकारात्मक 0.73 फीसदी दर्ज की गई, जो नवंबर में नकारात्मक 1.99 फीसदी थी। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक आंकड़े से मिली।
लगातार चौथे महीने थोक महंगाई दर में वृद्धि दर्ज की गई है। यह हालांकि अब भी नकारात्मक है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रसंस्कृत खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 8.17 फीसदी रही, जबकि ईंधन और विनिर्माण महंगाई दर क्रमश: नकारात्मक 9.15 फीसदी और नकारात्मक 1.36 फीसदी रही।
अप्रसंस्कृत खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर मौजूदा कारोबारी साल की प्रथम तीन तिमाहियों के लिए 9.39 फीसदी थी। वहीं, विनिर्मित खाद्य उत्पादों की महंगाई दर दिसंबर में 1.98 फीसदी रही, जबकि मौजूदा कारोबारी साल की प्रथम तीन तिमाहियों में यह 3.12 फीसदी रही।
दो दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने की उपभोक्ता महंगाई दर भी बढ़कर 5.61 फीसदी दर्ज की गई है, जो नवंबर में 5.41 फीसदी थी।
थोक महंगाई दर के आंकड़े के मुताबिक, दलहन की थोक महंगाई दर 55.64 फीसदी, सब्जियों की 20.56 फीसदी और प्याज की 25.98 फीसदी रही।
इस दौरान आलू हालांकि 34.99 फीसदी सस्ता हुआ।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव ए. दीदार सिंह ने कहा, “कृषि उत्पादकता बढ़ाना और कुशल आपूर्ति पक्ष प्रबंधन खाद्य वस्तुओं की महंगाई रोकने के लिए जरूरी है।”
सिंह के मुताबिक, महंगाई दर के लगातार नकारात्मक दायरे में रहने से मांग कम रहने का पता चलता है। इसमें तेल मूल्य और कमोडिटी मूल्य कम रहने का भी योगदान है।
उन्होंने यह भी कहा, “हमें उम्मीद है कि इस स्थिति से भारतीय रिजर्व बैंक समुचित ढंग से निपटेगा और औद्योगिक तेजी लाने के लिए वाजिब कदम उठाएगा। इस स्थिति में विकास को बढ़ावा देना और नौकरी का सृजन करना प्राथमिकता होनी चाहिए और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी नीतिगत उपाय करने चाहिए।”

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