Uncategorized

नंदकुमार फिर मप्र भाजपा अध्यक्ष, सुषमा राष्ट्रीय परिषद सदस्य चुनी गईं

Sushma-Swaraj-(file-photo)भोपाल: नंदकुमार सिंह चौहान मंगलवार को दूसरे कार्यकाल के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चुन लिए गए। साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित 29 राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के नामों की औपचारिक घोषणा भी की गई।
पार्टी के केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक रामदास अग्रवाल ने नंदकुमार सिंह चौहान के प्रदेशाध्यक्ष निर्वाचित होने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए सिर्फ नंद कुमार सिंह चौहान ने ही नामांकन भरा था, लिहाजा उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। इसी तरह उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के 29 सदस्यों के भी निर्विरोध निर्वाचित होने का ऐलान किया।
अग्रवाल ने आगे बताया कि राष्ट्रीय परिषद के 29 सदस्यों में अनुसूचित जाति के चार, अनुसूचित जनजाति के छह और 19 सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि के चुनाव संपन्न हुए हैं। इनके लिए एक-एक नामांकन पत्र प्राप्त हुआ, लिहाजा सभी को निर्वाचित घोषित किया जाता है।
चौहान के दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के निर्वाचन पर पार्टी के प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल है। आतिशबाजी हो रही है, पटाखे फोड़े जा रहे हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता चौहान को बधाई दे रहे हैं।
ज्ञात हो कि सोमवार को नामांकन भरे जाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय हो गया था कि चौहान दोबारा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष होंगे, क्योंकि इस पद के लिए सिर्फ उन्होंने ही नामांकन पत्र भरा था। वहीं पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के 29 सदस्यों के निर्वाचन की भी प्रक्रिया पूरी हो गई।
भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के लिए सामान्य वर्ग से सुषमा स्वराज, रघुनंदन शर्मा, जयप्रकाश पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, मोतीलाल तिवारी, विक्रम वर्मा, ओमप्रकाश सखलेचा, सुंदरलाल पटवा, कैलाश नारायण सारंग, अजय विश्नोई, धीरज पटैरिया, प्रहलाद पटेल, प्रभात झा, नरेंद्रसिंह तोमर, अनूप मिश्रा, शिवराजसिंह चौहान, कैलाश जोशी, रावेंद्र मिश्र और राकेश सिंह निर्वाचित घोषित हुए हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर डा. सत्यनारायण जटिया, वीरेंद्र कुमार, थावरचंद गहलोत, भागीरथ प्रसाद को चुना गया है, इसी तरह जनजाति वर्ग के सदस्य के तौर पर अनुसुइया उइके, जयसिंह मरावी, फग्गनसिंह कुलस्ते, निर्मला भूरिया, गजेंद्रसिंह पटेल और ज्योति धुर्वे निर्वाचित हुए हैं।
इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नंदकुमार सिंह चौहान को बधाई देते हुए खास हिदायत दी और कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह के गिले-शिकवे न हो, इस बात का ध्यान रखना होगा और अगर ऐसा होता है तो उसे जल्दी दूर किया जाना चाहिए।
पार्टी के नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष चौहान के पदभार ग्रहण समारोह में मंगलवार को स्वराज ने कहा कि संगठन में किसी तरह का ‘उघाड़’ आए तो उसे जल्दी ठीक किया जाना चाहिए, ताकि दरार चौड़ी न हो।
उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि समय पर एक टांका लगाने से नौ टांकों से बचा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि वह अब तक राष्ट्रीय परिषद में संसदीय दल से जाती रही हैं, मगर इस बार वह मध्य प्रदेश से सदस्य चुनी गई हैं, यह उनके लिए गौरव की बात है।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी और उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि चौहान पार्टी के जमीन से जुड़े कार्यकर्ता हैं, भाजपा की राजनीतिक दल के रूप में सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां हर पदाधिकारी और सत्तासीन व्यक्ति में कार्यकर्ता भाव होता है। यही वजह है कि वे अहंकार मुक्त होकर सेवा में प्रवृत्त रहते हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता हमारा परिवार है। प्रदेश के किसानों को चार हजार करोड़ रुपये राहत के रूप में वितरित करने की व्यवस्था की है, साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये बीमा योजना के तहत भी उनके खातों में जल्दी से जल्दी जमा होंगे। साढ़े सात हजार करोड़ रुपये किसानों को मिलने से उन्हें राहत मिलेगी।”
उन्होंने कांग्रेस के कुचक्र के प्रति सावधान रहने का आग्रह किया और कहा कि भाजपा आरक्षण को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस द्वारा आरक्षण को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का मुंहतोड़ जबाव देने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया।
इस मौके पर मौजूद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि मध्य प्रदेश में पार्टी के निर्विघ्न चुनाव ने चाणक्य के उस कथन को चरितार्थ किया है, जिसमें कहा गया है कि सामूहिकता का भाव अमरत्व प्रदान करता है।
केंद्रीय खनन एवं इस्पात मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर ने कहा, “हमें मप्र भारतीय जनता पार्टी संगठन का कार्यकर्ता होने पर गर्व है। यहां के संगठन का देशभर में और राजनीतिक दलों में सम्मान है, क्योंकि संगठन राजनीतिक दलदल से परे रहा है। पार्टी के पूर्वजों ने अनुशासन और शुचिता का मूलमंत्र देकर संगठन को शिखर पर पहुंचाया है।
निर्वाचित होने के बाद नंदकुमारसिंह चौहान ने कहा, “पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का पद मात्र वैभव और प्रतिष्ठा का पद नहीं है, बल्कि यह पद सेवा समर्पण ओर जनता के प्रति निष्ठा की कसौटी है। इस पर खरा उतरना हमारा पुनीत कर्तव्य होगा। कार्यकर्ता हमारी पूंजी हैं।”
प्रदेश निर्वाचन अधिकारी अजयप्रताप सिंह ने इस अवसर पर चुनाव परिणामों की समग्र जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 34 हजार स्थानीय समितियों के चुनाव सफलतापूर्वक कराने में 22 हजार कार्यकर्ताओं ने पूर्ण मनोयोग से योगदान किया। प्रदेश के 56 जिलों में से 46 जिलों में निर्वाचन का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 761 मंडलों में से 641 मंडलों में चुनाव विधिवत संपन्न हुए.

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *