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भारत के आर्थिक आजादी सूचकांक में वृद्धि

Image-for-representationवाशिंगटन: आर्थिक आजादी सूचकांक-2016 में भारत को 123वां स्थान मिला है। यह सूचकांक अमेरिकी थिंक टैंक हेरिटेज फाउंडेशन जारी करता है।
सोमवार को जारी हुए ताजा सूचकांक के मुताबिक, आर्थिक आजादी के लिए देश को 100 में 56.2 अंक मिले हैं, जो गत वर्ष के मुकाबले मामूली 1.6 अंक अधिक हैं। इस अंक के साथ भारत को ‘मोटे तौर पर दमित’ श्रेणी मिली है।
56.2 अंक के साथ भारत उन 32 देशों में शामिल है, जिसे ताजा सूचकांक में अब तक का सर्वाधिक अंक हासिल हुआ है।
भारत को सरकारी खर्च (78.1), राजकोषीय आजादी (77.1), मौद्रिक आजादी (72.8) और व्यापारिक आजादी (71) श्रेणी में अब तक का सर्वाधिक अंक हासिल हुआ है।
भ्रष्टाचार से आजादी में देश को 38 और वित्तीय आजादी के लिए 40, निवेश आजादी के लिए 35 और संपत्ति आजादी के लिए 55 अंक मिले हैं।
सूचकांक में ब्रिक्स समूह के अन्य देशों में हालांकि भारत की तरह प्रगति नहीं हुई है।
रूस 10 पायदान पिछड़कर 153वें पर आ गया है। इसी तरह दक्षिण कोरिया, ब्राजील और चीन भी अपने पिछले स्थान से पिछड़कर 80वें, 122वें और 144वें स्थान पर आ गए हैं।
सूचकांक में मिले अंकों के तहत 80 से अधिक अंक हासिल करने वाले को आजाद, 70-80 अंक हासिल करने वाले को मोटे तौर पर आजाद, 60-70 अंक हासिल करने वाले को मामूली रूप से आजाद, 50-60 अंक हासिल करने वाले को मौटे तौर पर दमित और 50 से कम अंक हासिल करने वाले देशों को दमित श्रेणी में रखा गया है।
समग्र तौर पर वैश्विक आर्थिक आजादी हालांकि लगातार चौथे वर्ष बढ़ी है।
ताजा सूचकांक में अमेरिका 75.4 अंकों के साथ मोटे तौर पर आजाद श्रेणी में शामिल हुआ है। यह अमेरिका का अब तक का सबसे कम अंक है।
97 देशों की आर्थिक आजादी बढ़ी है, जिसमें अधिकतर देश कम विकसित देश हैं।
वैश्विक औसत आर्थिक आजादी के लिए 60.7 अंक दिया गया है, जो सूचकांक के 22 साल के इतिहास में सर्वाधिक है।
आजाद अर्थव्यवस्था की श्रेणी में सिर्फ पांच अर्थव्यवस्थाएं शामिल हो पाई हैं, जिनमें शामिल हैं- हांगकांग, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड और आस्ट्रेलिया।
शीर्ष 10 में कनाडा, चिली, आयरलैंड, एस्टोनिया और ब्रिटेन को भी स्थान मिला है। इन देशों को भी हालांकि अमेरिका की तरह मोटे तौर पर आजाद श्रेणी मिली है।
74 देशों में आर्थिक आजादी घटी है, जिसमें अमेरिका, जापान और स्वीडन जैसे 19 विकसित देश भी शामिल हैं।

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