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सिडनी एकदिवसीय : रोहित, मनीष के बल पर भारत ने हासिल की सांत्वना जीत

Manish-Pandey-and-Rohit-Shaसिडनी: मनीष पांडेय (104), रोहित शर्मा (99) और शिखर धवन (78) की शानदार परियों की मदद से सिडनी क्रिकेट मैदान पर हुए श्रृंखला के पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मैच में भारत ने आस्ट्रेलिया को छह विकेट से हरा कर सम्मान के साथ श्रृंखला का समापन किया।
टॉस हराकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 331 रनों की चुनौती रखी, जिसे भारत ने चार विकेट खोकर दो गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। भारत की जीत में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (34) का भी योगदान अहम रहा।
अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय करियर का पहला शतक लगाने वाले मनीष को मैन ऑफ द मैच चुना गया, जबकि श्रृंखला में 400 से अधिक रन बनाने वाले रोहित को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।
बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत मिली। दोनों सलामी बल्लेबाजों रोहित और धवन ने पहले विकेट के लिए 123 रनों की शतकीय साझेदारी कर जीत की नींव रखी। दोनों ने शुरू से ही तेज खेल खेला और 18.2 ओवरों में 6.7 के औसत से यह साझेदारी निभाई।
इस साझेदारी को जॉन हेस्टिंग्स ने धवन को आउट कर तोड़ा। धवन ने अपनी आतिशी पारी में 58 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और तीन छक्के लगाए।
हेस्टिंग्स ने हालांकि अपने अगले ही ओवर में विराट कोहली (8) के रूप में भारत को दूसरा झटका दे दिया। कोहली विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए।
इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे मनीष ने रोहित के साथ टिककर बल्लेबाजी शुरू की और 6.68 के औसत से 97 रन जोड़ डाले। 35वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हेस्टिंग्स ने रोहित के रूप में अपना तीसरा शिकार किया।
श्रृंखला में दो शतक जड़ चुके रोहित दुर्भाग्यशाली रहे और एक रन से शतक से चूक गए। उन्होंने 108 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का लगाया।
इसके बाद मनीष ने कप्तान धौनी के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। मनीष ने मैदान पर जमने के बाद तेज खेल खेला, वहीं धौनी अपनी पुरानी मैच फिनिशर की भूमिका में वापसी करते दिखे।
दोनों ही बल्लेबाजों ने विकटों के बीच तेजी से रन चुराए और टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। धौनी और मनीष ने 14.3 ओवरों में 6.48 के औसत से 94 रन जोड़े।
भारत को आखिरी के पांच ओवरों में जीत के लिए 46 रनों की दरकार थी, लेकिन हाथ में सात विकेट होने से भारत का पक्ष मजबूत नजर आ रहा था। लेकिन अंतिम ओवर में जीत के लिए जब 13 रनों की जरूरत रह गई तो आस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी नजर आने लगा।
आखिरी ओवर लेकर आए मिशेल मार्श की पहली गेंद वाइड रही। धौनी ने दूसरी गेंद पर छक्का लगाकर जीत को पक्का कर दिया, लेकिन अगली गेंद पर ही वह डेविड वार्नर को कैच थमा बैठे। उन्होंने अपनी छोटी लेकिन अहम पारी में 42 गेंदों का सामना किया और एक चौैका, एक छक्का लगाया।
अगली गेंद पर मनीष ने चौका लगाते हुए अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय करियर का अपना पहला शतक पूरा किया और इसके बाद विजयी रन भी हासिल कर लिया।
अपनी पहली शतकीय पारी में मनीष ने आक्रामक खेल खेलते हुए महज 81 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया।
आस्ट्रेलिया की तरफ से हेस्टिंग्स ने तीन विकेट लिए, जबकि मिशेल मार्श को एक विकेट मिला।
इससे पहले टॉस हारकर पारी की शुरुआत करने उतरी आस्ट्रेलियाई टीम ने डेविड वार्नर (122) और मिशेल मार्श (102 नाबाद) की नायाब शतकीय पारियों की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 330 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
एरॉन फिंच (6) के रूप में पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद आस्ट्रेलिया ने संभल कर खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे भारत को श्रृंखला में एक बार फिर 300 से अधिक का लक्ष्य दिया।
117 रन पर चार विकेट के स्कोर के बाद वार्नर ने मिशेल के साथ पांचवें विकेट के लिए 118 रनों की साझेदारी निभाई। वार्नर को इशांत शर्मा ने आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। वार्नर ने 113 गेंदों पर नौ चौके और तीन छक्के लगाए।
इसके बाद मिशेल ने बेहतरीन अंदाज में खेलते हुए अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय करियर का अपना पहला शतक लगाया। 84 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के लगाकर मिशेल मार्श अंत तक नाबाद रहे।
अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय में पदार्पण करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। बुमराह ने 40 रन देकर दो विकेट हासिल किया। अनुभवी तेज गेंदबाज से इशांत ने भी दो विकेट चटकाए। उमेश यादव और ऋषि धवन को एक-एक विकेट मिला।
आखिरी मैच गंवाने के बावजूद आस्ट्रेलिया ने 4-1 से यह श्रृंखला अपने नाम करने में सफल रहा।

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