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आम बजट: मोदी ने बजट को ग्रामीण विकास पर केंद्रित बताया; यहाँ देखें मुख्य बातें

PM-Modi-(file-photo)नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संसद में आम बजट पेश किया। जेटली ने काला धन रखने वालों के लिए एक नई क्षमा योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत कुल बेहिसाबी धन का 45 प्रतिशत भुगतान कर ऐसे लोग पाक साफ हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि आम बजट कृषि, किसान, महिलाओं व ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है।
टेलीविजन पर दिए अपने संदेश में उन्होंने कहा, “बजट सभी गांवों में बिजली की सुविधा पहुंचाना सुनिश्चित करता है, इस प्रकार यह ग्रामीण बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करता है।”
उन्होंने कहा कि यह बजट साल 2018 तक सभी गांवों में बिजली सुविधा प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है।
देखें मुख्य बातें:
– हर परिवार को 1 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। पीएम जन औषधि योजना के तहत 300 जेनरिक ड्रग स्टोर खुलेंगे।
– सड़क और राजमार्ग के लिए 55 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव। 50 हजार किलोमीटर राज्य राजमार्गो को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा।
– स्टैंड अप इंडिया योजना को एससी, एसटी महिला उद्यमियों के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित।
– गहरे समुद्र और अन्य गहरे स्रोतों से गैस उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
– अवसंरचना क्षेत्र के विवादों के निपटारा के लिए ‘पब्लिक यूटिलिटी रिजोल्यूशन ऑफ डिस्प्यूट्स विधेयक’।
– प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को मिला 1,700 करोड़ रुपये।
– विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र के लिए डिजिटल डिपॉजिटरी।
– 1,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ उच्च शिक्षा वित्तीयन एजेंसी की होगी स्थापना।
– राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन से 76 लाख युवाओं को मिला प्रशिक्षण। 1,500 बहु-दक्षता प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना होगी।
– राज्यों द्वारा स्वेच्छा से स्वीकार करने के लिए मॉडल शॉप्स एंड एस्टीबलेशमेंट विधेयक जारी किया जाएगा।
– चालू खाता घाटा घटकर 14.4 अरब डॉलर।
– ग्रामीण और शहरी निकायों के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये।
– पशु कल्याण कार्यक्रम, पशु स्वास्थ्य कार्ड, ब्रीडरों को आपस में जोड़ने के लिए ई-विपणन प्लेटफार्म।
– एक मई 2018 तक 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल होगा।
– मध्य और निम्न मध्य वर्ग के 75 लाख परिवारों ने स्वेच्छा से एलपीजी सब्सिडी का त्याग किया।
– पीएमजीएसवाई के लिए 19 हजार करोड़ रुपये आवंटित।
– 2015-16 में कृषि ऋण लक्ष्य 8.5 लाख करोड़ रुपये। 2016-17 के लिए नौ लाख करोड़ रुपये।
– 2016-17 में कृषि के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित।
– अगले तीन साल में जैविक खेती को जोत बढ़ाकर पांच लाख एकड़ किया जाएगा।
– मनरेगा को मिलेगा 38,500 करोड़ रुपये।
– बैंकों का आगामी वित्त वर्ष में पुनर्पूजीकरण।
– दूरदर्शी वित्तीय नीति की जरूरत। घरेलू मांग बढ़ाए जाने की जरूरत। सुधार की जरूरत।
– कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्र के लिए कोष बढ़ा।
– 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों और ओआरओपी कार्यान्वयन के चलते खर्च की प्राथमिकता तय करना जरूरी।
– सुधार के नौ स्तंभ। इनमें कृषि, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, अवसंरचना, वित्तीय अनुशासन और कर सुधार शामिल।
– संकटपूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में बजट पेश।
– विरासत में मिली चुनौती को अवसर में बदला।
– उपभोक्ता महंगाई दर घटकर 5.4 फीसदी आई, जो पहले नौ फीसदी से अधिक थी। आम आदमी को राहत मिली।
– विदेशी पूंजी भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) सर्वोच्च स्तर पर।
गरीबों को एलपीजी कनेक्शन के लिए 2,000 करोड़
जेटली ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश करने के दौरान गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन देने के लिए 2000 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। इस योजना से चालू वर्ष के दौरान गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 1.5 करोड़ परिवारों को लाभ होगा। साथ ही वित्त मंत्री ने स्वेच्छा से एलपीजी गैस की सब्सिडी छोड़ने वाले परिवारों की प्रंशसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए कई नए उपाय शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा, “अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इस योजना से कम से कम 2.5 लाख उद्यमियों को लाभ मिलेगा।”
जेटली ने कहा कि उद्योग संघों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की भागीदारी में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति केन्द्र की स्थापना करने का भी प्रस्ताव है। यह केन्द्र अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों को केन्द्र सरकार की खरीदारी नीति 2012 के अधीन अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए वैश्विक सर्वश्रेष्ठ कार्य विधि अपनाने और स्टैंड अप इंडिया पहल का लाभ उठाने के लिए पेशेवर मदद उपलब्ध कराएगा।
वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति/जनजाति तथा महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्टैंड अप इंडिया योजना को मंजूरी देने की भी घोषणा की और बताया कि इसके लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना से प्रत्येक श्रेणी के कम से कम एक उद्यमी के लिए प्रति बैंक शाखा कम से कम ऐसी दो परियोजनाओं को मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण और कौशल विकास के लिए बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम तथा उस्ताद योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जाएगा।
-वित्तीय घाटा 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान
– 2017-18 से योजना, गैर योजना का वर्गीकरण समाप्त

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