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आम बजट : छोटे करदाताओं, गांवों पर ध्यान

Image-for-representation-2नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में पेश वित्त वर्ष 2016-17 के आम बजट में छोटे करदाताओं को राहत दी है, समृद्ध तबके पर दबाव थोड़ा बढ़ाया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए आवंटन बढ़ाया है। बजट में मकान के किराए पर कटौती की सीमा को 24 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये किया गया है।
साथ ही पांच लाख रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं पर कर छूट की सीमा को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। एक करोड़ रुपये से अधिक सालाना आय वालों के लिए आय कर अधिभार 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है।
जेटली ने कहा कि मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में यथोचित बदलाव किए जाएंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “कर चोरी से सख्ती से निपटा जाएगा।”
जेटली ने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष का वित्तीय घाटा लक्ष्य 3.9 फीसदी पूरा हो जाएगा और अगले कारोबारी वर्ष के लिए यह लक्ष्य 3.5 फीसदी है। उन्होंने कहा, “वित्तीय लक्ष्यों पर टिके रहने में ही समझदारी है।”
जेटली ने हालांकि एक पुरानी परंपरा का परित्याग करने की घोषणा करते हुए कहा कि 2017-18 से योजनागत और गैर योजनागत जैसा वर्गीकरण खत्म कर दिया जाएगा।
बजट के शुरू में जेटली ने कहा कि आज की कठिन स्थिति में भारत विश्व का एक चमकता सितारा है। उन्होंने बजट के नौ प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिनमें ग्रामीण विकास पहले स्थान पर है।
जेटली ने बजट पेश करते हुए कहा, “मैं ऐसे समय में बजट पेश कर रहा हूं, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट में है। ” उन्होंने कहा कि इस निराशाजनक दौर में भी भारत ने अपनी चमक बरकरार रखी है और कठिनाइयों को अवसरों में बदला है।
उन्होंने कहा कि विकास दर निर्यात घटने के बावजूद 7.5 प्रतिशत रही है। महंगाई घटी है, जिससे लोगों को राहत मिली है। विदेशी मुद्रा भंडार काफी बढ़ा है और विकास दर असाधारण रूप से ऊंचे स्तर पर है।
जेटली ने कहा कि उनका बजट तीन स्तंभों पर आधारित है। विवेकपूर्ण राजकोषीय नीति, घरेलू मांग बढ़ाना और सुधार करना। उन्होंने कहा कि कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्रों में अधिक धनराशि आवंटित की जाएगी।
उन्होंने कहा, “बैंकों का पुनर्पूजीकरण किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध बैंकों की 9.5 लाख करोड़ रुपये की तनाव ग्रस्त संपत्ति को लेकर चिंता व्याप्त है।
मंत्री ने कहा कि बजट के नौ स्तंभों में हैं : कृषि, सामाजिक कार्यक्रम, ग्रामीण विकास, कौशल विकास के साथ शिक्षा, अवसंरचना, वित्तीय सुधार, व्यापार की सुविधा के लिए नीतिगत सुधार, वित्तीय अनुशासन और कर सुधार।
जेटली ने कहा, “डॉ.बी.आर.अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एकीकृत कृषि मंच राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने 2015-16 में 8.5 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य रखा था। इसे अगले वित्त वर्ष के लिए बढ़ाकर नौ लाख करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रम के लिए 19,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास के लिए समग्र तौर पर 87,765 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सरकार ने कृषि के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत आवंटन बढ़ाकर 38,500 करोड़ रुपये किया गया है।
उन्होंने कहा कि गांवों में डिजिटल साक्षरता फैलाने की जरूरत है। ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और एक मई 2018 तक 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य है।
किसानों के कल्याण के लिए 35,984 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जेटली ने कहा कि सरकार पांच वर्षो में किसानों की आय दोगुना करना चाहती है।
बजट में देश के सभी घरों तक रसोई गैस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। जेटली ने कहा कि सरकार स्वेच्छा से रसोई गैस सब्सिडी छोड़ने वाले 75 लाख मध्यवर्गीय एवं निम्न मध्यवर्गीय परिवारों की प्रशंसा करती है।
जेटली ने स्वास्थ्य क्षेत्र के बारे में कहा कि एक नई योजना शुरू की जा रही है जिसमें प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये तक का बीमा दिया जाएगा।

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