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कन्हैया कुमार की न्यायिक हिरासत मार्च 2 तक बढ़ी; जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष पर अदालत में वकीलों ने किया का हमला

JNU-president-Kanhaiya-Kumaनई दिल्ली: देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र कन्हैया कुमार को बुधवार को दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि जेएनयू विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष से अब पूछताछ करने की जरूरत नहीं है, जिसके बाद महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने यह फैसला दिया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एआईएसएफ) के नेता कन्हैया कुमार को 12 फरवरी को जेएनयू परिसर में एक बैठक के दौरान भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
वकीलों ने कन्हैया कुमार पर किया था हमला
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों ने उस वक्त हमला किया, जब वह अदालत कक्ष में प्रवेश कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी है। कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का आरोप है। उन्हें पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी के लिए अदालत लाया गया था।
बस्सी ने कहा कन्हैया कुमार के खिलाफ हैं ‘पर्याप्त’ सबूत
इससे पहले दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने बुधवार को कहा कि उनके पास जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)के छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ ‘पर्याप्त’ सबूत हैं।
बस्सी ने संवाददाताओं को बताया, “हमारे पास कन्हैया कुमार के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। उन्हीं के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने पिछले सप्ताह जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी करने की घटना में शामिल विद्यार्थियों की पहचान कर ली है और उनकी धरपकड़ के लिए तलाश जारी है।
बस्सी ने कहा, “हमारी जांच में यह बात सामने आई है कि जेएनयू के विद्यार्थियों के अलावा कुछ बाहरी भी शामिल थे। हम इस पहलू की जांच कर रहे हैं और तलाशी भी ले रहे हैं।”
छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पुलिस हिरासत बुधवार को खत्म हो रही है। उन्हें आज दोपहर अदालत में पेश किया जाना है।

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