Uncategorized

N Korea ने हाइड्रोजन बम का किया परीक्षण ; भारत समेत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जताई चिंता

N-Korea-tests-Hydrogen-Bombसियोल: उत्तर कोरिया ने बुधवार को एक हाइड्रोजन बम के सफल परीक्षण की घोषणा की। उसके इस कदम की चीन सहित पूरी दुनिया आलोचना कर रही है।
सुबह में उत्तर कोरिया में भूकंप आने की खबर जंगल की आग की तरह फैली, लेकिन कुछ ही घंटों बाद मीडिया रिपोर्टों में ऐसे कयास लगाए गए कि परमाणु परीक्षण स्थल के करीब आया भूकंप ‘अप्राकृतिक’ था।
संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण की बुधवार को कड़ी निंदा की। इस मुद्दे पर परिषद ने आपातकालीन बैठक बुलाई।
उरुग्वे के स्थाई प्रतिनिधि एवं सुरक्षा परिषद के मौजूदा अध्यक्ष एल्बियो रोसेली ने इस संदर्भ में जारी बयान पढ़ते हुए कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण करने पर सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने पहले भी कड़े कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
बयान के मुताबिक, “इस प्रतिबद्धता पर कायम रहते हुए और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा परिषद के सदस्य नए सुरक्षा परिषद प्रस्ताव में जल्द ही कड़े कदम उठाना शुरू करेंगे।”
उत्तर कोरिया का हाइड्रोजन बम परीक्षण उसका चौथा परमाणु परीक्षण है। इससे पहले वह 2006, 2009 और 2013 में भी परमाणु परीक्षण कर चुका है।
उत्तर कोरिया का समर्थन करने वाले देश चीन ने भी उत्तर कोरिया द्वारा इस परीक्षण की आलोचना की।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने कहा, “चीन अपने उस रुख पर कायम है, जिसके मुताबिक कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार रहित किया जाना चाहिए और पूर्वोत्तर एशिया में शांति व स्थिरता बनाए रखनी चाहिए।”
हुआ ने कहा कि चीन उत्तर कोरिया से आग्रह करता है कि वह परमाणु हथियार रहित होने की अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करे और हालात खराब करने वाली किसी भी कार्रवाई से बाज आए।
उत्तर कोरिया ने एक विशेष घोषणा में कहा कि उसने एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है। बम परीक्षण सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) किया गया।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा, “यदि हमारी संप्रभुता का कोई उल्लंघन नहीं करता है, तो हम परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे। परीक्षण ‘पूरी तरह सफल’ रहा और इसके साथ ही उत्तर कोरिया ने हाड्रोजन बम के साथ परमाणु हथियारों से लैस देशों के बीच अपनी जगह बना ली है।”
अमेरिका ने भी उत्तर कोरिया के इस रुख पर जमकर आलोचना की।
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि वह उत्तर कोरिया के हाइड्रोजन बम के सफल परीक्षण के दावे की पुष्टि नहीं कर सकता। उसने उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के उल्लंघन की निंदा की।
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, “हम लगातार स्पष्ट करते आए हैं कि हम उत्तर कोरिया को एक परमाणु राष्ट्र के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। हम दक्षिण कोरिया सहित हमारे सभी मित्र राष्ट्रों की हिफाजत करते रहेंगे और उत्तर कोरिया के सभी उकसावों का समुचित तरीके से जवाब देंगे।”
सीएनएन ने संयुक्त राष्ट्र के पूर्व हथियार निरीक्षक के हवाले से कहा कि जैसा कि पहले से कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया के पास 10-15 परमाणु बम हैं और प्रत्येक साल यह अपनी परमाणु क्षमता में बढ़ोतरी करता रहा है।
उधर, दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के हाइड्रोजन बम परीक्षण को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करार दिया।
उप विदेश मंत्री लिम संग-नाम ने कहा, “उत्तर कोरिया का उकसावा साफ तौर पर सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन एवं अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।”
जापान ने भी उत्तर कोरिया के हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने की निंदा करते हुए कहा कि यह परीक्षण एक बड़ा खतरा है।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा, “हाइड्रोजन बम का परीक्षण जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और यह अस्वीकार्य है।”
उत्तर कोरिया द्वारा हाइड्रोजन बम के परीक्षण पर भारत ने भी गंभीर चिंता जताई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “हमें उत्तर कोरिया द्वारा आज एक परमाणु परीक्षण करने की खबर मिली है।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली उपलब्ध आंकड़ों का आकलन कर रहा है, साथ ही उन दावों का भी जिसके मुताबिक यह परीक्षण थर्मोन्यूक्लियर परीक्षण था।
स्वरूप ने कहा, “यह गहरी चिंता की बात है कि उत्तर कोरिया ने एक बार फिर इस संबंध में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया।”
उन्होंने कहा, “हम उत्तर कोरिया से आग्रह करते हैं कि वह ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचे, जिससे क्षेत्र की शांति व स्थिरता पर खतरा हो। पूर्वोत्तर एशिया व हमारे पड़ोसी देश के बीच परमाणु हथियारों को लेकर संपर्क व उसका धड़ल्ले से प्रसार की हमारी चिंता से सभी परिचित हैं।”

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *