Uncategorized

वामपंथियों, लालू, नीतीश को नहीं भाया 'प्रभु' का बजट; भाजपा ने कहा लोक हितैषी बजट

prabhuनई दिल्ली: वाम दलों ने गुरुवार को रेल बजट को दिशाहीन बताते हुए इसकी आलोचना की। वाम दलों के नेताओं ने कहा कि यह रेलवे के निजीकरण की दिशा में प्रयास है।
मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि इस रेल बजट में कुछ भी नया नहीं है और यह लोक हितकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि रेल बजट से लोगों को काफी आशाएं थीं, लेकिन यह तो दिशाहीन है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा ने कहा कि रेल बजट में आशानुरूप कुछ भी नहीं है और इसमें यात्रियों की सुविधाओं और उनकी सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया गया है।
माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने कहा, “हम लोग बजट से निराश हैं, क्योंकि इसमें जन साधारण के लिए कुछ भी नहीं है।”
उन्होंने सरकार पर यह आरोप लगाया कि वह रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की नीति का अनुसरण कर रही है। उनका मानना है कि सरकार रेलवे का उपयोग निजी क्षेत्र की ‘फंडिंग’ के लिए कर रही है। पूरा ध्यान मार्केटिंग एवं विज्ञापन पर ही है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “रेल बजट में सिर्फ मन की बात है, जन की बात कहीं नहीं दिखी।”
लालू, नीतीश को नहीं भाया ‘प्रभु’ का बजट
रेलमंत्री सुरेश प्रभु का रेल बजट पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद और नीतीश कुमार (इस समय बिहार के मुख्यमंत्री) को नहीं भाया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने बजट को सराहा, जबकि जन अधिकार पार्टी ने कहा कि बिहार को उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई। पूर्व रेलमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने रेल बजट को ‘जनता से धोखा’ करार दिया और कहा कि भाजपा की सरकार में रेलवे पटरी से उतर गई है।
लालू प्रसाद ने पटना में रेल बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बजट में कुछ भी नहीं है। बजट में रोजगार के अवसर खत्म होते दिख रहे हैं। सुरक्षा की कहीं कोई चर्चा नहीं की गई है। ट्रेन को निर्धारित समय पर चलाने को लेकर भी कोई बात नहीं की गई है। यह सीधे-सीधे जनता से धोखा है।”
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय पहले फायदे में था, लेकिन आज इसका दिवाला निकल गया है। उन्होंने कहा कि इस रेल बजट से कोई खास फायदा नहीं होने वाला।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को रेल बजट पर निराशा जताते हुए कहा कि इसमें सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की गईं।
नीतीश ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा संसद में पेश रेल बजट पर कहा, “इस बजट से बिहार को निराशा मिली है। नई परियोजनाओं के लिए भी रेलवे के पास कोई योजना नहीं है और न ही ट्रेनों के समय पर चलने व स्टेशनों की साफ-सफाई को ही प्राथमिकता दी गई है।”
उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार खजाना खोले और रेलवे पर ध्यान दे। नीतीश ने रेलवे की हालत को दयनीय बताया और कहा कि रेल बजट में आमदनी और खर्च का कोई भी ब्योरा नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा, “प्रभु के बजट में ‘विजन’ की कमी साफ तौर पर दिख रही है, बजट में क्षेत्रीय संतुलन का भी ख्याल नहीं रखा गया है।”
नीतीश ने कहा कि इस रेल बजट में आशा की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने रेल बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इस बजट में यात्रियों का ख्याल रखा गया है तथा आधुनिकीकरण की चिंता की गई है। इस बजट में बिहार की भी चिंता की गई है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट जनता का हितकारी तथा रेलवे को मजबूती देने वाला बजट है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल रालोसपा की प्रवक्ता सीमा सक्सेना ने रेल बजट को संतुलित, विकासपरक और आम जनता के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ किराये में राहत दी गई है। इसके साथ ही मालभाड़े में बढ़ोतरी नहीं होने से महंगाई नहीं बढ़ पाए, इसकी भी कोशिश की गई है।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सांसद चिराग पासवान ने रेल बजट को संतुलित और देश को समर्पित बजट बताया। उन्होंने कहा कि इस रेल बजट में रेलवे के पुनर्निमाण (री-स्ट्रक्च र) करने की ईमानदार कोशिश की गई है।
इधर, जन अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने रेल बजट को संतुलित बताया है। उन्होंने कहा कि रेल बजट का स्वागत योग्य है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि रेल बजट से जो बिहार को उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रेल बजट के पिटारे से बिहार को ज्यादा कुछ नहीं दिया गया।
रेल बजट लोक हितैषी : रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रेल बजट के लिए रेलमंत्री सुरेश प्रभु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है।
बजट को लोक हितैषी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सुधारों वाला बजट है, जिसके परिणाम दूरगामी होंगे।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *