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नेपाल में विमान हादसा, 23 मरे

nepal-planeकाठमांडू: पश्चिमी नेपाल में बुधवार को विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे इसमें सवार सभी 23 लोगों की मौत हो गई। विमान पश्चिमी नेपाल में पहाड़ों से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। तारा एयर वाइकिंग 9 एन-एएचएच ट्विन ओट्टर विमान ने सुबह 7.47 बजे पश्चिमी नेपाल के पर्यटक शहर पोखरा से उड़ान भरी थी। यह मुस्तांग जिले के जॉमसम शहर जा रहा था।
पोखरा हवाईअड्डे के उप निदेशक योगेंद्र कुमार ने आईएएनएस को बताया कि चालक दल के तीन सदस्यों के अलावा 20 यात्रियों को ले जा रहे विमान का वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) से संपर्क उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही टूट गया था।
कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में मारे गए 23 लोगों में दो शिशु और दो विदेशी भी शामिल हैं।
नेपाल के नागरिक उड्डयन मंत्री आनंद प्रसाद पोखरेल ने विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी दी।
पोखरेल ने मयागदी जिले के सोली गोपतेभीर के पर्वतीय जंगलों में दुर्घटनास्थल पर मौजूद नेपाल सेना के अधिकारियों के हवाले से कहा कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है और उसमें सवार सभी यात्री मारे गए। उन्होंने कहा कि एटीसी से संपर्क टूटने के बाद विमान करीब चार घंटे तक लापता रहा। बाद में इसका मलबा सोली गोपतेभीर के पर्वतीय जंगलों में मिला।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विमान को तारा विमानन बेड़े में सितंबर में शामिल किया गया था। यात्रियों में एक चीनी और एक कुवैती नागरिक शामिल थे।
सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तारा बहादुर कार्की ने भी पुष्टि की कि दुर्घटना में विमान में सवार सभी 23 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि नेपाल सेना का दल दुर्घटनास्थल पर विमान के मलबे तक पहुंच चुका है।
विमान का मलबा चार घंटों के तलाशी अभियान के बाद पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियोंने कहा कि विमान का मलबा पूरे इलाके में फैल गया। विमान जल रहा था।
एक स्थानीय निवासी ने कहा कि दुर्घटनास्थल पर बेहद ठंड पड़ रही है और वहां बारिश होने की संभावना है।
दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में एक पुलिस आरक्षी फूल कुमार थापा मागर ने कहा कि विमान बेहद दुर्गम इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ और इसके मलबे 200 मीटर दायरे में फैल गए।
मयागदी जिले के पुलिस उपाधीक्षक बिश्वराज खडका ने कहा, “कोई भी जिंदा नहीं पाया गया।” उन्होंने कहा कि दुर्घटनास्थल पर आग के कारण शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बचाव प्रयास के लिए भेजे गए दो हेलीकॉप्टर घने कोहरे के कारण दुर्घटनास्थल पर उतर नहीं सके।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, पोखरा हवाईअड्डे पर मुख्य वायु यातायात नियंत्रक जसोदा सुबेदी ने कहा कि पोखरा एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अंतिम बातचीत में विमान के चालक रोशन मनंधर ने बताया था कि विमान सामान्य है।
विमान के वरिष्ठ कैप्टन रोशन मनंधर के आखिरी शब्द थे, ‘फिर मिलेंगे, दिन शुभ हो।
तारा विमानसेवा के प्रवक्ता भीमराज राय ने कहा, “पोखरा और जॉमसम में मौसम साफ था। हमें नहीं पता कि यह सब कुछ कैसे हो गया।”
नेपाल में बीते पांच वर्षो में विमान दुर्घटनाओं में 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। आखिरी विमान दुर्घटना 16 फरवरी, 2014 को हुई थी। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी।
उत्तरी नेपाल के निकट जॉमसम में अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम इलाके में 14 मई 2012 को अग्नि एयर विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से इसमें सवार कम से कम 15 भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी।

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