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उपचुनाव: नारायणखेड़ में टीआरएस, बिहार के हरलाखी में रालोसपा, त्रिपुरा की अमरपुर सीट पर माकपा, पंजाब में अकाली दल की जीत

Image-for-representation-1हैदराबाद/मधुबनी/चंडीगढ़/अगरताला: तेलंगाना में सत्तारूढ़ पार्टी-तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने उपचुनाव में नारायणखेड़ विधानसभा सीट भारी मतों के अंतर से जीत ली है तो वहीँ बिहार के मधुबनी जिले के हरलाखी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए मंगलवार सुबह हुई मतगणना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रत्याशी सुधांशु शेखर विजयी रहे।
त्रिपुरा की सत्तारूढ़ मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने एक विशाल अंतर के साथ अमरपुर विधानसभा सीट पर जीत ली है। इस सीट के लिए शनिवार को मतदान हुआ था। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को दूसरे स्थान से बाहर कर दिया।
सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में मंगलवार को भारी बहुमत से जीत पाई। यहां निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उपचुनाव की मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई। इसमें अकाली दल के उम्मीदवार रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भुपिदर सिंह को 65,664 वोटों के भारी अंतर से हराया।
हैदराबाद
टीआरएस ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से यह सीट छीनी है।कांग्रेस ने साल 2014 के चुनावों में यह सीट जीती थी।
टीआरएस के उम्मीदवार एम. भूपाल रेड्डी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के पी. संजीव को शिकस्त दी। भूपाल ने संजीव को 53 हजार से अधिक वोटों से हराया।
मधुबनी
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुई मतगणना में रालोसपा के उम्मीदवार सुधांशु शेखर ने सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल कांग्रेस के मोहम्मद शब्बीर को 18,200 से ज्यादा मतों से पराजित किया। कांग्रेस के उम्मीदवार को 43,000 से ज्यादा वोट मिले।
पिछले साल विधानसभा चुनाव में रालोसपा के उम्मीदवार बसंत कुशवाहा इस सीट से 3,892 वोटों से जीते थे।
जिला मुख्यालय के आर.के. कॉलेज स्थित मतगणना केन्द्र में चल रही मतगणना में नौ चरण की मतगणना के बाद रालोसपा के उम्मीदवार सुधांशु शेखर कांग्रेस के उम्मीदवार से करीब 9,000 वोटों से आगे हैं।
यहां नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
उल्लेखनीय है कि हरलाखी उपचुनाव में शनिवार को मतदान हुआ था। इस उपचुनाव में कुल 2,58,371 मतदाताओं में से 55.5 प्रतिशत मतदाताओं ने 242 मतदान केंद्रों पर अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के दिवंगत विधायक बसंत कुशवाहा के पुत्र सुधांशु शेखर को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि महागठबंधन ने कांग्रेस के मोहम्मद शब्बीर को चुनाव मैदान में उतारा।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के विधायक बसंत कुशवाहा का निधन हो जाने के कारण यह सीट खाली हो गई थी।
चंडीगढ़
सत्तारूढ़ वाम मोर्चा की प्रमुख साथी माकपा ने लगातार चौथी बार अमरपुर से जीत हासिल की है।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष मोदक ने आईएएनएस को बताया, “माकपा उम्मीदवार परिमल देबनाथ ने भाजपा के रंजीत दास को 10 हजार 597 मतों से हराया। चुनाव में माकपा ने 20 हजार 355 वोट हासिल किए। भाजपा को 9758 वोट जबकि कांग्रेस के चंचल डे केवल 1,231 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। ”
आदिवासी आधारित पार्टी-इंडीजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के उम्मीदवार पवित्र मोहन जमातिया 1,623 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
यह त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद को एक अलग राज्य बनाने के लिए साल 2013 से आंदोलन कर रहे हैं।
यह सीट माकपा विधायक मनोरंजन अचारजी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। एक महिला को पीटने के आरोप के बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
उपचुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माकपा के राज्य सचिव और केंद्रीय समिति के सदस्य बिजन धर ने आईएएनएस को बताया, “माकपा वाम मोर्चा के सुशासन को देखते हुए मतदाताओं ने हमारी जीत को सुनिश्चित की है। त्रिपुरा में यह जीत भविष्य में भी जारी रहेगी और हमारी पार्टी एक सरकार के रूप में शांति, विकास और जातीय एकीकरण के लिए संघर्ष करती रहेगी।”
नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित होने वाली पार्टी की केंद्रीय समिति बैठक में भाग लेने के लिए रवाना होने से पहले बिजन ने कहा, “इस चुनाव में भाजपा ने दूसरा स्थान हासिल किया है। इस स्थिति के बारे में हमें सतर्क होना चाहिए। कांग्रेस की दिवालिया राजनीति के कारण उसे चुनाव में चौथे स्थान मिला है।”
वहीं, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बिपलाब देब ने कहा, “अगर हमें निर्वाचन क्षेत्र में सभी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए कुछ और समय मिल जाता तो भाजपा चुनाव जीत सकती थी। उपचुनावों में सत्तारूढ़ दल हमेशा ही अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सरकारी मशीनरी का उपयोग करते हैं।”
अगरताला
सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में मंगलवार को भारी बहुमत से जीत पाई। यहां निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उपचुनाव की मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई। इसमें अकाली दल के उम्मीदवार रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भुपिदर सिंह को 65,664 वोटों के भारी अंतर से हराया।
उन्हें 1,07,341 वोटों में से 83,080 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी व स्वतंत्र उम्मीदवार भुपिंदर को 17,416 वोट मिले। चुनाव मैदान में सात उम्मीदवार उतरे थे।
ब्रह्मपुरा ने सभी 15 चरणों की मतगणना में बढ़त बनाई।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खडूर साहिब उपचुनाव के नतीजों को ‘राज्य में शांति, सांप्रदायिक सौहाद्र्र, भाईचारे और विकास के सकारात्मक एजेंडे की भारी जीत बताया।’
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा उपचुनाव का बहिष्कार किए जाने के बीच 13 फरवरी को उपचुनाव कराया गया। इन दोनों दलों के उपचुनाव से बाहर होने के चलते अकाली दल के लिए यह एकतरफा मुकाबला है।
खडूर साहिब विधानसभा सीट अक्टूबर 2015 में कांग्रेस विधायक रमनजीत सिह सिक्की के इस्तीफा देने के बाद से खाली है। सिक्की ने पिछले साल पंजाब में सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान की घटना के बाद इस्तीफा दे दिया था।
खडूर साहिब विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतने वाला उम्मीदवार केवल एक साल तक विधायक रह पाएगा, क्योंकि पंजाब में 117 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव फरवरी, 2017 में होना है।

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