उत्तर प्रदेश

बुंदेलखंड का पैसा दूसरी जगह खर्च कर रहे अखिलेश : अनुप्रिया

MP-Anupriya-Patelलखनऊ: सूखे से जूझ रहे बुंदेलखंड को लेकर अब अपना दल ने भी उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल ने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने 1300 करोड़ रुपये जारी किए हैं, मगर प्रदेश सरकार उस पैसे को अन्य कार्यो में लगा रही है।
सांसद ने यहां रविवार को ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चाहे सूखे से पीड़ित किसानों की समस्याओं के निस्तारण का मामला हो या कानून व्यवस्था का, प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
उन्हांेने दावा किया कि केंद्र ने ओलावृष्टि से पीड़ित बुंदेलखंड के किसानों के लिए 2015 में 2801 करोड़ रुपये दिए और अब सूखे से प्रभावित किसानों की मदद के लिए 1300 करोड़ रुपये केंद्र के खजाने से प्रदेश को भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित में नई कृषि बीमा योजना लागू की है।
सांसद अनुप्रिया का यह भी कहना है कि योजनाओं में खामियां हो सकती हैं, पर इसका लाभ जरूर मिलता है।
सांसद अनुप्रिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र पिछले कई वर्षो से सूखे से जूझ रहा है। सिंचाई के साधन नहीं हैं, जिसके चलते आत्महत्या, कुपोषण, भुखमरी व किसानों के पलायन की समस्या खड़ी हो गई है। उदासीनता के चलते स्थिति दिन प्रतिदिन भयावह होती जा रही है।
अनुप्रिया अपनी ही पार्टी में मां और बहन का विरोध झेल रही हैं। इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह अपने पिता और अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल की विचारधार को लेकर चल रही हैं। उनके इस मिशन का फैसला अब जनता के हाथों में है।
सांसद ने दावा किया कि विधानसभा के बाद अब वह देश के शीर्ष सदन में पहुंची हैं और किसानों के मुद्दे को लगातार उठा रही हैं। उन्होंने खुले तौर पर माना कि बुंदेलखंड में उनका संगठन कमजोर हुआ है, जिसे वह पुन: खड़ा कर 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा का समर्थन करने के कारण वह केंद्र सरकार की अंग हैं और आगे के चुनावी समर में भाजपा के साथ ही कदम से कदम मिलाकर चलेंगी।
हालांकि माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव आते-आते अपना दल की पारिवारिक लड़ाई और गुटबाजी एक बार फिर जोरों पर होगी। इससे पहले अनुप्रिया की मां बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष, अपनी दूसरी बेटी पल्लवी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित कर चुकी हैं। इसके बाद से ही पार्टी में घरेलू विवाद सुर्खियों मंे आया है।

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