उत्तर प्रदेश

संतकबीरनगर घटना पर अखिलेश यादव ने ली चुटकी, बोले घटना भाजपा की हताशा को करती है प्रदर्शित

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: संतकबीर नगर की जिला योजना समिति की बैठक में आज सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश सिंह बघेल के बीच हुई मारपीट की घटना पर चुटकी लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यह घटना आगामी चुनावों में अपनी हार से आशंकित भाजपा की हताशा को प्रदर्शित करती है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,” आज उप्र में विश्व की सबसे अनुशासित राजनीतिक पार्टी का दावा करनेवाली भाजपा के सांसद व विधायक जी के मध्य जूतों का सादर आदान-प्रदान हुआ. यह आगामी चुनावों में अपनी हार से आशंकित भाजपा की हताशा है. सच तो ये है कि लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भाजपा को प्रत्याशी ही नहीं मिल रहे हैं.”

गौरतलब है कि संतकबीर नगर की जिला योजना समिति की बैठक में आज सांसद शरद त्रिपाठी और विधायक राकेश बघेल के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने लात, घूंसे चलाने में भी कोई गुरेज नहीं किया। ये सब मीडिया और अधिकारीयों की मौजूदगी में घटा।

जानकारी के अनुसार शिलापट्ट पर नाम नहीं होने से नाराज बीजेपी सांसद भरी सभा में अपनी पार्टी के विधायक की जूते से धुनाई कर दी। विधायक भी चुप नहीं रहे, उन्होंने भी आगे बढ़कर इसका करारा जवाब दिया और दो चार हाथ सांसद महोदय को भी धर दिए।

बगल में मौजूद धनघटा विधायक श्रीराम चौहान, प्रदेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन, डीएम रवीश कुमार गुप्ता आदि यह घटना देख आवाक रह गए।मंत्री, डीएम व विधायक ने बीच बचाव कराया। इसके तुरंत बाद मंत्री बैठक छोड़कर लखनऊ लौट गए। बैठक समाप्त हो गई। सांसद एक कमरे में जाकर अंदर से बंद कर लिए जबकि विधायक अपने समर्थकों समेत परिसर में ही खड़े रहे। डीएम रवीश कुमार गुप्ता मामले को शांत कराने में जुटे हुए थे।

यह मारपीट प्रदेश सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन के सामने हुई। यह सब जिला कार्य योजना समिति की बैठक के दौरान हुआ जिसकी अध्यक्षता प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन कर रहे थे।

घटना का संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने संतकबीर नगर की जिला योजना समिति की बैठक में हुए विवाद को ‘अशोभनीय’ एवं अत्यन्त ‘अमर्यादित आचरण’ बताते हुए सांसद शरद त्रिपाठी एवं विधायक राकेश सिंह बघेल को तत्काल लखनऊ बुलाया है।

वहीँ Final Report से बात करते हुए सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि इस घटना पर उन्हें खेद है और वो इससे आहत हैं। सांसद ने कहा कि जो कुछ हुआ वह मेरे सामान्य व्यवहार के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बुलाया जाता है तो वो अपनी बात उनके सामने रखने जरूर जायेंगे।

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