उत्तर प्रदेश

लाख टके का सवाल: अमर सिंह और अखिलेश दास में कौन जाएगा राज्यसभा !

Amar-Singh-and-Akhilesh-Dasलखनऊ: यूपी में राज्यसभा में जाने के लिए तीन बड़े नेताओं के बीच जंग शुरू होने जा रही है। राज्यसभा के चुनाव जुलाई में होंगे, लेकिन राज्यसभा जाने की इस सियासी जंग में मुलायम सिंह यादव के नजदीकी अमर सिंह हैं। वहीं, एक बड़े न्यूज चैनल के मालिक सुभाष चंद्रा भी मैदान में अपनी दावेदारी शिवपाल सिंह यादव के जरिए ठोंक रहे हैं। इसके अलावा राज्यसभा के इस मैदान में तीसरे बड़े प्लेयर पूर्व केन्द्रीय मंत्री अखिलेश दास हैं।
तीनों उम्मीदवार पैसे से मजबूत हैं और राज्यसभा में जाने के लिए ताल ठोंक रहे हैं।
बता दें कि राज्यसभा में एक सीट पर जीतने के लिए प्रथम प्राथमिकता वाले को कम से कम 36 वोटों की जरुरत होती है। वहीं, दूसरी प्राथमिकता के वोट हैं तो उनकी संख्या 74 होनी चाहिए। यूपी विधानसभा में 403 विधायकों की संख्या होनी चाहिए। मौजूदा समय में सपा के 227 विधायक हैं और बसपा के 80, भाजपा के 41, कांग्रेस के 29, राष्टीय लोकदल के 8, पीस पार्टी के चार, कौमी एकता दल के दो और अन्य चार और निर्दल विधायकों की संख्या छह है। दो सीटें अभी भी खाली हैं।
जुलाई में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव होना है। मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सपा छह सीटों पर जीत हासिल करेगी, भाजपा दो सीटों पर जीत सुनिश्चित मान रही है जबकि बसपा और कांग्रेस के पाले में एक एक सीट आ रही है। वोटों के न्यूनतम आधार पर देखा जाए तो सपा के छह प्रत्याशियों की जीत के बाद 11 वोट बच जाएंगे। इसी प्रकार बसपा के आठ वोट बचेंगे। कांग्रेस को सात वोट सरप्लस होंगे। राज्यसभा की 11वीं सीट के लिए वोेटों की मारा मारी होगी। अब देखने की बात है कि इस तिकड़म में कौन सफल होता है।
राज्यसभा की 11 सीट के दावेदारों में सबसे ज्यादा दमखम रखने वाले उम्मीदवारों में अमर सिंह, अखिलेश दास और हरियाणा से भाजपा के विधायक रहे सुभाष चंद्र सक्रिय भूमिका में दिख रहे हैं। यही कारण हैं कि मुलामय सिंह के नजदीकी कहे जाने वाले अमर सिंह बार-बार सपा सरकार के सरकारी और गैर सरकारी कार्यक्रमों में इस परिवार के नजदीक दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री की पसंद माने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री बनारसी दास के पुत्र अखिलेश दास भी मुलायम परिवार को हर मौके पर बधाई देने में पीछे नहीं हैं। इन दोनों नेताओं ने सैफई से लेकर आगरा और लखनउ के कार्यक्रमों में अपनी मौजूदी को दर्ज कराने में कोई कोताही नहीं बरती है।
अमर सिंह सांसद के साथ यूपी के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुुके हैं तो वहीं अखिलेश दास पूर्व मेयर हैं। दो बार कांग्रेस से और एक बार बसपा से राज्यसभा जा चुके हैं। एक बार केन्द्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। यूपी के सक्रिय मंत्री शिवपाल के नजदीकी कहे जाने वाले सुभाष चंद्र के बारे में कहा जा रहा है कि शिवपाल समर्थक विधायक उनके साथ जाएंगे।
बहरहाल, राज्यसभा का जुलाई में होने वाला चुनाव काफी रोचक होगा। उन विधायकों की बल्ले-बल्ले होने जा रही है, जिन पर पार्टी की ओर से वोट देने का दबाव नहीं है। वे सीधे 11 वीं सीट के उम्मीदवारों के सम्पर्क में हैं और इस बार वोट देकर आने वाले विधानसभा चुनाव का खर्च निकालने की तैयारी में हैं। चूंकि, इस पद के लिए चुनाव जुलाई में है। फिर भी चुनाव रोचक होने की पूरी उम्मीद है।

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