उत्तर प्रदेश

प्रदेश के जनपदों में हिंसक घटनाओं के बाद स्थिति नियंत्रण में

लखनऊ: एससी एसटी एक्ट के बदलाव को लेकर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी मुख्यालय की पूरी नजर है। कई जिलों में हुई हिंसा के बाद आगजनी और फायरिंग की घटनाओं का पुलिस गंभीरता से संज्ञान ले रही है। संवेदनशीलता को देखते सक्रिय हुए डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार और डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार को तलब किया।

डीजीपी ने प्रदेश भर में हो रही घटनाओं को लेकर दोनों पुलिस अधिकारियों से ब्यौरा पूछा। डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आंदोलन के दौरान अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर नजर रखने व कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

डीजीपी मुख्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार,एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में हिंसा को देखते हुए पांच कंपनी पीएसी और चार कंपनी RAF अतिरिक्त तैनात की गई है। मेरठ, हापुड़, आगरा और गाजियाबाद में रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त कंपनी तैनात की गई है। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए पांच कंपनी पीएसी भी संवेदनशील जिलों को भेजी गई है। प्रदेश के मेरठ और आगरा जोन में सर्वाधिक आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाएं हुई है।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने बताया कि इस हिंसक प्रदर्शन में नई उम्र के लड़के सामने आये हैं। ऐसे युवाओं पर कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके स्थिति को काबू में कर लिया है। एडीजी ने इस हिंसक घटना में एक युवक के मारे जाने की कथित तौर पर पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मेरठ, हापुड़, आगरा, मुजफ्फरनगर नोएडा सहित सभी जिलों में स्थति काबू में है। पुलिस स्थिति को लगातार नियंत्रण कर कार्रवाई कर रही है।

डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलितों का भारत बंद सोमवार को कई जगहों पर हिंसक रूप से देखने को मिला। यूपी के लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, सहारनपुर, हापुड़, आजमगढ़, कानपुर, इलाहाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, गाजियाबाद और आगरा समेत लगभग सभी जिलों में हालात काबू में हैं। जिन जगहों पर हालात काबू करने में दिक्कत हो रही थी उन जिलों में पुलिस को जनता के बीच तालमेल बनाए के लिए पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं।

एससी एसटी को लेकर दलितों का विरोध प्रदर्शन यूपी के कई जिलों में हिंसक रूप से देखने को मिला। हापुड़ में प्रदर्शन कारियों ने खड़े वाहनों में आग लगा दी। इसके अलावा कई वाहनों और कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की गई। तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात की है।खबरों के अनुसार, आगरा में प्रदर्शनकारियों ने रेल की पटरियों पर कब्जा कर लिया। जिसकी वजह से दिल्ली-झांसी रेलवे मार्ग पर कई ट्रेन प्रभावित हुई। मेरठ में भी दलितों ने प्रदर्शन के दौरान बसों को आग के हवाले कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने बवाल करते हुए पुलिस और पत्रकारों पर भी हमला कर दिया। हमले की सूचना पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है कर दिया गया है।
गाजियाबाद में रेलवे फाटक पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। दलित संगठन से जुडे लोग जगह जगह इक्ठ्ठे होना शुरू भी गए हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ तथा आगरा व मैनपुरी में दलित संगठन से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगह पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर फैसले का आगरा में भी कई संगठनों ने काफी विरोध किया है।मेरठ कचहरी में हँगामा करने के बाद प्रदर्शन करते हुए उपद्रवी अंदर घुस गए यहां उन्होंने तोड़फोड़ की। इस दौरान फायरिंग की भी सूचना है।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। खबरों के अनुसार, हंगामे के दौरान एक युवक के गोली लग गई। मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में उत्पाद मचा रहे युवक के गोली लगने की खबर से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उसे दिल्ली रेफर किया गया है। सोशल मीडिया पर वॉयरल सन्देश के मुताबिक, इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है।यहां कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के शोभापुर में उग्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने पलटवार करते हुए घर में घुसकर लाठीचार्ज किया।

पुलिस ने सड़कों पर उपद्रवियों को दौड़ा दौड़कर पीटा। इससे पहले उपद्रवियों ने पुलिस और पत्रकारों पर पथराव कर उन्हें पीट दिया था। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उपद्रवियों ने घरों में छिपे बैठे बावलियों को निकालकर गिरफ्तार किया। वहीं नाराज दलित समुदाय के प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस चौकी में आग लगाने की भी खबर है। उपद्रवियों ने एक पेट्रोलपंप पर भी जमकर तोड़फोड़ की। इससे वहां भगदड़ मच गई।

लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि हजरतगंज में एससी-एससी एक्ट के बदलाव के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को उन्होंने समझाया। एसएसपी ने बताया कि हजरतगंज के गांधी प्रतिमा पर हजारों की तादात में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन की तनावपूर्ण स्थिति देखते हुये फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक के रखा था। सभी प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं, लखनऊ में कोई उग्र प्रदर्शन नहीं हुआ।

आजमगढ़ में उपद्रवियों ने सड़कों पर उतरकर रोडवेज की कई बसों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद भारी संख्या में पुलिस बल और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक लाखों की संपत्ति खाक हो गई।

गोरखपुर में भारत बंद के समर्थकों ने राजघाट थानांतर्गत अलहदादपुर में पंजाब नेशनल बैंक के एक एटीएम पर तोड़फोड़ मचाई। उन्‍होंने एटीएम के शीशे तोड़ दिए। तोड़फोड़ के दौरान एक युवक को हल्‍की चोट भी आ गई। बन्द समर्थकों ने जुलूस बैंक रोड, विजय चौराहा, गणेश चौराहा, गोलघर काली मंदिर, गोलघर चौराहा, कलेक्ट्रेट चौराहा,  अम्बेडकर चौक, शास्त्री चौक तक गया है। इस दौरान जितनी दुकानें खुली थीं बंद समर्थकों ने उनके शटर पर लाठी पीट-पीटकर बंद करा दिया।

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